दंतेवाड़ा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन आज प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दंतेवाड़ा सहित सुकमा, बीजापुर एवं बचेली के न्यायालयों तथा तीनों राजस्व जिलों दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के राजस्व न्यायालयों में एक साथ किया गया।
नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा द्वारा वर्चुअल माध्यम से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। शुभारंभ कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के न्यायाधीशगण भी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। मुख्य न्यायाधिपति ने समस्त पीठासीन अधिकारियों, न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, पक्षकारों एवं कर्मचारियों में उत्साह का संचार करते हुए अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण हेतु प्रोत्साहित किया तथा शुभकामनाएं दीं।
इस मौके पर मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने कहा कि लोक अदालत केवल न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के बोझ को कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज में आपसी सुलह, सौहार्द एवं न्याय की भावना को स्थापित करने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर समय एवं धन दोनों की बचत कर सकते हैं।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि नेशनल लोक अदालत में निराकृत प्रकरणों में किसी भी पक्षकार की हार नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों के बीच प्रेम, सद्भाव एवं आपसी विश्वास बना रहता है तथा वैमनस्यता एवं शत्रुता समाप्त होती है। उन्होंने आमजन से अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत का लाभ लेने की अपील की।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा पक्षकारों को पौधे भी वितरित किए गए तथा लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया। नेशनल लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण किया गया।




