जगदलपुर

सरकार से नहीं, पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए है हमारी लड़ाई : मनीष गुप्ता

जगदलपुर/बस्तर न्यूज

हमारी लड़ाई सरकार से नहीं, बल्कि पत्रकारों के हितों और उनकी सुरक्षा की रक्षा के लिए है। यह बात बस्तर जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने पत्रकार सुरक्षा कानून को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग को लेकर आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन के दौरान कही।

बस्तर जिला पत्रकार संघ के बैनर तले सोमवार को जगदलपुर में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए। आंदोलन के माध्यम से पत्रकारों ने छत्तीसगढ़ मीडियाकर्मी सुरक्षा विधेयक, 2023 को पूर्ण रूप से अधिसूचित कर प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग उठाई। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा पत्रकार सुरक्षा कानून सर्वसम्मति से पारित किया गया था, लेकिन इसके नियम एवं प्रक्रियाएं अब तक पूरी तरह अधिसूचित नहीं हो पाई हैं। इसके चलते कानून के प्रावधान जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू नहीं हो रहे हैं और पत्रकारों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

बस्तर जिला पत्रकार संघ अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने कहा कि आए दिन पत्रकारों के खिलाफ बिना पर्याप्त जांच के एफआईआर दर्ज कर दी जाती है, जिससे पत्रकारों को मानसिक, सामाजिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए पत्रकार सुरक्षा कानून को शीघ्र लागू किया जाना आवश्यक है।

वक्ताओं ने कहा कि कानून का मूल उद्देश्य पत्रकारों को धमकी, प्रताड़ना, हिंसा तथा दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई से संरक्षण प्रदान करना है। कानून में पत्रकारों की शिकायतों और सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच के लिए विशेष समिति के गठन सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, लेकिन नियमों के अभाव में ये व्यवस्थाएं अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिव प्रकाश सीजी ने कहा कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में कार्यरत पत्रकार अनेक चुनौतियों के बीच अपना दायित्व निभाते हैं। ऐसे में पत्रकार सुरक्षा कानून उनके लिए सुरक्षा कवच साबित होगा। वरिष्ठ पत्रकार नरेश मिश्रा ने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होने से पत्रकारों को निर्भीक होकर कार्य करने का वातावरण मिलेगा तथा किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी। वही धर्मेंद्र महापात्र ने कहा कि बस्तर के पत्रकार वर्ष 2010 से पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इसके बावजूद आज तक कानून पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर पत्रकारों के साथ मारपीट, धमकी और झूठे मामलों में फंसाने जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं, इसलिए पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। वरिष्ठ पत्रकार केशव स्त्रोत्र ने कहा कि पत्रकारों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून को जल्द लागू करने की मांग की।

धरना-प्रदर्शन को आशुतोष तिवारी, चंद्रहास वैष्णव, प्रियंका जायसवाल, अर्जुन झा, अजय श्रीवास्तव, ऋषि भटनागर, राकेश पांडे सहित अनेक पत्रकारों ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में पत्रकार सुरक्षा कानून को शीघ्र लागू करने तथा पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग उठाई। धरना-प्रदर्शन के पश्चात पत्रकारों ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंच मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर आकाश छिकारा को सौंपा।

कार्यक्रम का संचालन संघ के कोषाध्यक्ष सुब्बा राव ने किया।

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