Raipur

भोरमदेव जंगल सफारी, घने जंगलों के बीच रोमांच का नया सफर

रायपुर/बस्तर न्यूज

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में प्रकृति और रोमांच के संगम के रूप में विकसित भोरमदेव जंगल सफारी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद संतोष पाण्डेय ने फीता काटकर इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का लोकार्पण किया। लगभग 36 किलोमीटर लंबी यह जंगल सफारी घने वनों, ऊँची पहाड़ियों और समृद्ध जैव विविधता के बीच पर्यटकों को न केवल रोमांचक अनुभव देगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक सौंदर्य के बीच इको-टूरिज्म के नक्शे पर नई पहचान भी मिलेगी। करीब 352 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस अभ्यारण्य में 36 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी रूट तैयार किया गया है। सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा क्षेत्र में बनाया गया है, जहां से पर्यटक प्रवेश करेंगे। इस दौरान अतिथियों द्वारा नेचर गाइड को जिप्सी की चाबी एवं टेंट कैंपिंग सामग्री प्रदान की गई तथा महिला स्व-सहायता समूहों को बर्तन किट वितरण किया गया। इसके बाद अतिथियों द्वारा दूरदूरी जलप्रपात तक सफारी भ्रमण किया गया।

टेडगा सालेह ग्रास लैंड – जहाँ नीलगाय, हिरण एवं विविध पक्षी प्रजातियाँ सहज रूप से देखी जा सकती हैं।
जैतपुरी ग्रास लैंड – संकरी पगडंडियों से खुली वादियों तक पहुँचने का रोमांचक मार्ग।
बर खोल्हा व्यू प्वाइंट – चारों ओर फैले पर्वतीय दृश्यों का मनमोहक दृश्य और प्राकृतिक प्रतिध्वनि का अनूठा अनुभव।
बकोदा ग्रासलैंड – साल एवं बाँस के घने वन, जो प्राकृतिक स्वागत द्वार का आभास कराते हैं।
दूरदूरी झरना – जलधारा की मधुर ध्वनि और शीतल वातावरण, जो मन को सुकून प्रदान करता है।
भाई-बहन कोरा – स्थानीय जनश्रुतियों से जुड़ा एक सांस्कृतिक एवं भावनात्मक स्थल।
बाज़ार डोंगरी – सीधी ढलान वाली पहाड़ी, जो साहसिक अनुभव को और अधिक रोमांचक बनाती है।
कारियाआमा – प्राचीन शनि मंदिर एवं ऐतिहासिक मान्यताओं से जुड़ा स्थान, जहाँ की पौराणिक कथा इस क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव जंगल सफारी घने जंगलों के बीच विकसित एक रोमांचक और अद्वितीय पर्यटन स्थल है, जहाँ पर्यटक प्राकृतिक परिवेश में खुले वातावरण में वन्यजीवों को नजदीक से देख सकेंगे। उन्होंने इस क्षेत्र के मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जंगल, जल और पहाड़ सदैव से दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं और यही किसी भी क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़, विशेषकर भोरमदेव क्षेत्र, प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है, जहाँ के घने जंगल, पर्वत और सुरम्य दृश्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं।

भोरमदेव जंगल सफारी केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार सृजन और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन का सशक्त माध्यम है। इस पहल से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है, साथ ही स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त होगा। राज्य सरकार द्वारा विकसित यह परियोजना छत्तीसगढ़ को इको-टूरिज्म के मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पर्यटकों एवं प्रकृति प्रेमियों से अपील है कि वे इस नई पहल का हिस्सा बनें और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता एवं सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव करें।

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