रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं से अपने नए विचारों को स्टार्टअप में बदलने, नवाचार को अपनाने और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है और युवाओं के विचार देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं। स्टार्टअप की संभावनाएं अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छोटे शहरों और गांवों में भी नए उद्यम आकार ले रहे हैं। युवाओं को इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी पहचान स्वयं बनानी चाहिए। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। युवा अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देकर नए उद्यम शुरू कर सकते हैं और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी क्षमता, ज्ञान और रचनात्मकता के बल पर रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ें। अपने आइडिया को स्टार्टअप में बदलें, अपनी जगह स्वयं बनाएं और सफलता के बाद समाज को न भूलें।उन्होंने कहा कि समाज ने प्रत्येक व्यक्ति को बहुत कुछ दिया है, इसलिए समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव हमेशा बना रहना चाहिए।
राज्यपाल रमेन डेका आज आईटीएम विश्वविद्यालय, रायपुर के 11वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में 16 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, चार शोधार्थियों को पीएचडी तथा 464 विद्यार्थियों को स्नातक और स्नातकोत्तर की उपाधियां प्रदान की गईं।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रामचंद्र जहांगीर ने स्वागत भाषण दिया। छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष वी.के. गोयल ने भी संबोधित किया। समारोह में हाईकोर्ट के पूर्व जज गौतम भादुड़ी, विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल एवं कार्य परिषद के सदस्य, प्राध्यापकगण, पालक तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित
