दंतेवाड़ा। जिले के विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक जीवन की शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अभिनव शैक्षणिक पहल ‘ज्ञान बैंक’ का संचालन प्रारंभ किया गया है। आज जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर ने इस ज्ञान बैंक का विधिवत उद्घाटन किया तथा स्वयं प्रथम खाता खोलकर इस पहल की शुरुआत की। ज्ञान बैंक के माध्यम से छात्राएं वास्तविक बैंकिंग प्रणाली की कार्यप्रणाली को व्यावहारिक रूप से सीख रही हैं। इस व्यवस्था में विद्यार्थी बैंक प्रबंधक, कैशियर, कर्मचारी एवं ग्राहक की भूमिका निभाते हुए खाता खोलने, राशि जमा करने एवं निकालने, पासबुक संधारण, लेन-देन तथा लेखा-जोखा रखने जैसी बैंकिंग प्रक्रियाओं का अनुभव प्राप्त कर रही हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में वित्तीय साक्षरता, बचत की आदत, धन प्रबंधन, गणितीय एवं लेखांकन कौशल के साथ संवाद क्षमता, नेतृत्व, टीम भावना और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना है। इसके माध्यम से छात्राओं को धन का महत्व समझने तथा भविष्य में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार किया जा रहा है। यह नवाचार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुभवात्मक एवं कौशल आधारित शिक्षा की अवधारणा के अनुरूप है, जिसमें विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर वास्तविक जीवन से जुड़े अनुभवों के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान किया जाता है। इस अभिनव पहल की परिकल्पना एवं शुरुआत विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती नेहा नाथ द्वारा की गई है।
ज्ञान बैंक के सफल संचालन में कला एवं वाणिज्य संकाय की व्याख्याता श्रीमती शोभा, श्रीमती इंदुबाला एवं श्रीमती देवप्रिया देवांगन का महत्वपूर्ण योगदान है। विद्यालय की इस पहल से छात्राओं को शिक्षा के साथ व्यावहारिक जीवन कौशल सीखने का अवसर मिल रहा है। ज्ञान बैंक के माध्यम से छात्राएं न केवल बैंकिंग प्रणाली को समझ रही हैं, बल्कि बचत, आर्थिक अनुशासन और आत्मनिर्भरता के महत्व को भी अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित हो रही हैं।
