दंतेवाड़ा। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर के मार्गदर्शन में 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के अंतर्गत जिला स्तरीय बाल विज्ञान कार्यक्रम का आयोजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (बालक), दंतेवाड़ा में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार” रखा गया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित हुआ। जिसमें जिले के 31 विद्यालयों के 120 से अधिक बाल वैज्ञानिकों ने अपने मार्गदर्शक शिक्षकों के साथ सहभागिता करते हुए विभिन्न शोध परियोजनाएं एवं नवाचार प्रस्तुत किए।
मुख्य अतिथि प्रमोद ठाकुर ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं। बच्चों के नवाचार और वैज्ञानिक सोच से आने वाली पीढ़ी को नई दिशा मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों एवं दैनिक जीवन की छोटी-छोटी समस्याओं पर शोध कर विद्यार्थी भविष्य में उपयोगी समाधान विकसित कर सकते हैं। वही जिला समन्वयक बी.बी. चक्रवर्ती ने अपने संबोधन में बाल विज्ञान कांग्रेस के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंच विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने तथा स्थानीय संसाधनों के माध्यम से उनके समाधान खोजने का अवसर प्रदान करता है।
प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल द्वारा परियोजनाओं का मूल्यांकन कर परिणाम घोषित किए गए। सीनियर वर्ग में पल्लवी सिंह प्रथम, मनीषा वेट्टी द्वितीय एवं हर्षवर्धन तृतीय स्थान पर रहे। वहीं जूनियर वर्ग में निशी यादव ने प्रथम तथा काजल ओयामी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में सहायक जिला समन्वयक राजेंद्र प्रसाद शाह सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, विषय विशेषज्ञ, निर्णायक मंडल एवं मार्गदर्शक शिक्षक उपस्थित रहे। मंच संचालन जी.आर. नाग ने किया।
