दंतेवाड़ा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत एम. भार्गव ने ग्राम टेकनार एवं चितालंका में स्थापित बायोगैस प्लांटों का निरीक्षण कर उनकी कार्यप्रणाली, संचालन एवं रखरखाव की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गैस उत्पादन, जैविक खाद निर्माण तथा प्लांट की उपयोगिता का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीईओ ने बायोगैस प्लांट से जुड़े हितग्राहियों से संवाद करते हुए उन्हें प्रतिदिन नियमित रूप से गोबर प्लांट में डालने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से गोबर डालने से बायोगैस का उत्पादन निरंतर बना रहेगा, जिससे स्वच्छ ईंधन के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद भी तैयार होगी। इससे किसानों की रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और कृषि लागत में भी कमी आएगी।
उन्होंने हितग्राहियों से प्लांट का नियमित उपयोग एवं रखरखाव सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए कहा कि शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का पूरा लाभ तभी मिलेगा, जब सभी लाभार्थी इसे जिम्मेदारी के साथ संचालित करेंगे।
निरीक्षण के दौरान सीईओ ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि बायोगैस प्लांटों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा हितग्राहियों को समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बायोगैस प्लांट स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक प्रभावी पहल है। इसके सफल संचालन से जैविक कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन तथा जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत दंतेवाड़ा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




