जगदलपुर

झूलेलाल जन्मोत्सव पर होंगे विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम

जगदलपुर/बस्तर न्यूज

नगर स्थित सिन्धी समाज के ईष्टदेव साईं श्री झूलेलाल जी के अवतरण दिवस को सिंधी समाज हर वर्ष बड़े हर्ष व उत्साह के साथ मनाता है।

सिन्धी गुरुद्वारा कमेटी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि एक बैठक में समाज के समस्त सदस्यों की उपस्थिति में निर्णय लिया गया है कि इस वर्ष 20 मार्च साईं झूलेलाल जी जन्मोत्सव कार्यक्रम धूमधाम से मनाया जाएगा। जिसकी शुरुआत श्री गुरुग्रंथ पाठ साहिब 14 मार्च शनिवार प्रातः 10 बजे से गुरुद्वारा में आरम्भ होगा। साईं झूलेलाल जन्मोत्सव की पूर्व संध्या में 19 मार्च संध्या 7 बजे से भजन कीर्तन व भक्ति संगीत संध्या सिंधु भवन में आयोजन होगा। धमतरी से आए भाई साहब हितेश जग्यासी, रोशनी जग्यासी द्वारा भजन कीर्तन होने के पश्चात भोजन प्रसादी भक्तों ने बांटा जायेगा। वही सुबह 9:30 बजे से सिन्धी समाज के सभी सदस्य, युवा मंडल, सुहिणी सोच महिला विंग भगवा रंग के वस्त्र में दुपहिया वाहन रैली में शामिल होंगे। यह दुपहिया वाहन रैली सिन्धी गुरुद्वारा से निकलकर चाँदनी चौक, शहीद पार्क चौक, कोतवाली चौक, गोल बाजार, सिरहासार चौक, माँ दंतेश्वरी मंदिर, संजय बाजार, गुरु गोविन्द सिंह चौक, चाँदनी चौक होते हुवे रैली सिन्धी गुरुद्वारा पहुंचेगी. पुरे मार्ग में साईं झूलेलाल की के जयघोष की पुकार होंगी।

हिंदू नववर्ष चेत्र नवरात्रि से, मराठी नववर्ष गुड़ी पड़वा से तो वहीं सिंधी नववर्ष चेटीचंड से शुरू होता है. चैत्र मास को सिन्धी में चेटी कहा जाता है और चांद को चंड इसलिए चेटीचंड का अर्थ हुआ चैत्र का चांद. ये दिन जल के देवता भगवान झूलेलाल को समर्पित है।

सिन्धी गुरुद्वारा में 20 मार्च शुक्रवार को सुबह 11 बजे से भक्ति संगीत के पश्चात श्री गुरुग्रंथ पाठ साहिब समाप्ति व अरदास, पल्लव, भोग साहिब, प्रसादी वितरण होगा। दोपहर 2 बजे से आम लंगर होगा एवं शाम 6 बजे सिन्धी गुरुद्वारा में बहराणा साहिब जी की पूजा समाज सदस्यों द्वारा की जाएगी। साईं झूलेलाल शोभायात्रा में समाज के सदस्य छेज नृत्य के साथ झूलेलाल मार्ग, कोतवाली चौक, मुख्यमार्ग होते हुवे गोल बाजार, सिरहासार चौक से बलिराम कश्यप चौक से महादेव घाट पहुंचेंगे, पुरे मार्ग में आतिशबाजी व प्रसाद वितरण होगा, यहां महादेव घाट पर दीपो की रोशनी व आतिशबाजी से घाट जगमगाएगा, घाट में निचे नदी किनारे बहराणा साहिब की पूजा, अखो, पल्लव कर प्रसाद व खजाना वितरण किया जाएगा. सिंधु भवन में रात 9 बजे से भोजन प्रसादी सभी ग्रहण करेंगे। सनातन सिंधु परम्परा अनुसार झूलेलाल (उड़ेरोलाल) जन्मोत्सव के पावन दिवस पर सिन्धी समाज सदस्य जल व ज्योत की पूजा करते हैं, बहिराणा साहिब (एक विशेष पवित्र कलश) निकाल कर इसे नदी में परवान करते और भगवान झूलेलाल के भजनों के साथ एवं छेज नृत्य (डांडिया) के साथ शोभायात्रा निकालते हैं।

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