जगदलपुर/बस्तर न्यूज
रक्तदान को केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानव सेवा का माध्यम मानने वाले कोटपाड़ निवासी, 50 वर्षीय नीनी बाबू ने एक बार फिर जरूरतमंद मरीज की मदद के लिए रक्तदान कर मिसाल कायम की है। उन्होंने डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में सुकमा निवासी एक मरीज के लिए रक्तदान किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने जीवन में 57वीं बार रक्तदान करने का नेक कार्य किया है।
कोटपाड़ के नीनी बाबू का रक्त समूह O-Negative (ओ निगेटिव) है। अपेक्षाकृत दुर्लभ रक्त समूह होने के कारण जरूरत के समय ऐसे रक्तदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। नीनी बाबू लंबे समय से जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए नियमित रूप से रक्तदान करते आ रहे हैं। खास बात यह है कि वे केवल अपने गांव कस्बे तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि जहां भी किसी जरूरतमंद मरीज को उनके रक्त समूह की आवश्यकता हुई, वहां पहुंचकर रक्तदान किया। अब तक वे छत्तीसगढ़ के जगदलपुर, रायपुर, आंध्र प्रदेश के विशाखापटनम सहित ओडिशा के कटक, कोटपाड़ और जयपुर सहित विभिन्न स्थानों पर जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान कर चुके हैं। कई बार ऐसी परिस्थितियों में भी उन्होंने रक्तदान किया, जब जीवन रक्षा हेतु मरीज को तत्काल रक्त की आवश्यकता थी और उपयुक्त रक्तदाता उपलब्ध कराना चुनौती बन गया था।
रक्तदान को बनाया सेवा का संकल्प
रक्त दान करने जगदलपुर पहुंचे नीनी बाबू ने बताया की उनके लिए रक्तदान किसी एक दिन या अवसर तक सीमित नहीं है। वे इसे मानव सेवा के अपने निरंतर संकल्प के रूप में देखते हैं। उनका मानना है कि रक्त किसी फैक्ट्री में तैयार नहीं किया जा सकता और किसी जरूरतमंद मरीज के लिए समय पर मिला रक्त जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसी सोच के साथ वे लगातार रक्तदान करते आ रहे हैं। उनके 57 बार रक्तदान करने की यात्रा में अलग-अलग शहरों और क्षेत्रों के जरूरतमंद मरीज शामिल हैं। विशेष रूप से अपने दुर्लभ O Negative रक्त समूह के कारण वे जरूरत के समय रक्तदान के लिए आगे आते रहे हैं। लगातार रक्तदान और मानव सेवा के प्रति समर्पण के लिए नीनी बाबू को विभिन्न अवसरों पर कई संस्थाओं और संगठनों द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। हालांकि उनका कहना है कि उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान किसी जरूरतमंद मरीज की मदद कर पाना है। डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में रक्तदान करने के बाद उन्होंने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वस्थ एवं सक्षम लोगों को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। उनका यह निरंतर प्रयास युवाओं और समाज के अन्य लोगों को भी नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करने वाला है।
