September 16, 2026

एनएमडीसी करेगा अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए बस्तर के धावक की सहायता

जगदलपुर/बस्तर न्यूज

एनएमडीसी बस्तर के धावक फुलधर नेताम की व्यापक सहायता करने के लिए तैयार है, जो एनएमडीसी हैदराबाद मैराथन की ओपन श्रेणी में विजेता के रूप में उभरे हैं, जिसका उद्देश्य उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका में आगामी बोस्टन मैराथन में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम एक बेहतरीन एथलीट के रूप में विकसित करना है। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के रहने वाले पुलिस कर्मी फूलधर नेताम ने मैराथन में 2 घंटे और 45 मिनट का समय लिया । एनएमडीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी ने उनकी उपलब्धि के लिए उन्हें सम्मानित करते हुए 05 लाख का चेक सौंपा।

एनएमडीसी के निदेशक (कार्मिक) कृष्ण कुमार ठाकुर ने कहा कि कंपनी नेताम की सहायता के लिए संरचित कोचिंग, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, व्यावसायिक सुविधाओं की उपलब्धता और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी सहित सभी संभावित मार्गों की तलाश करेगी। एनएमडीसी उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए भारत और विदेशों में संरचित प्रशिक्षण सुविधाओं सहित उनकी सहायता के लिए सभी संभावित मार्गों की तलाश करेगा। इसका उद्देश्य उन्हें उनकी पूरी क्षमता को विकसित करने और उन्हें प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए तैयार करने में मदद करना है। अभी मुख्य फोकस नेताम को बोस्टन मैराथन में प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और अनुभव दिलाने में है, जो दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित लंबी दूरी की दौड़ में से एक है। एनएमडीसी और हैदराबाद रनर्स सोसाइटी भी इस ईवेंट में उनकी एंट्री सुनिश्चित करने में मदद करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।  नेताम बस्तर और दंतेवाड़ा के लगभग 170 धावकों में से एक हैं, जिन्हें इस वर्ष हैदराबाद मैराथन में भाग लेने के लिए एनएमडीसी द्वारा प्रायोजित किया गया था। इस क्षेत्र से धावकों की पहचान की गई और उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण, यात्रा, आवास, दौड़ने के लिए किट और अन्य लॉजीस्टिक सहायता प्रदान की गई ।

शुरुआती लाइन तक पहुंचना भी अनिश्चित लग रहा था : नेताम

 

“मैंने तो यह भी नहीं सोचा था कि मुझे एंट्री मिलेगी या नहीं, मेरे दोस्त पाण्ड्रू और बसंत सर ने मुझे हैदराबाद में एंट्री पाने में मदद की। एनएमडीसी ने जूते, किट और आवास सहित शुरू से अंत तक सब कुछ मुहैया कराया। मैं अपनी ड्यूटी से समय निकाल कर अभ्यास करता हूं। और छुट्टी के दिनों में मैं मुश्किल वर्कआउट करता था। मैं सुबह और शाम अभ्यास करता था और सब कुछ खुद ही संभालता था।” एनएमडीसी को धन्यवाद देते हुए फुलधर नेताम ने कहा, मैं एनएमडीसी के सहयोग से मैराथन और ट्रैक में दौड़ना जारी रखना चाहता हूं और एक अंतरराष्ट्रीय एथलीट बनना चाहता हूं।

कृष्ण कुमार ठाकुर ने आगे बताया कि नेताम की इस उपलब्धि को उनके बैकग्राउन्ड और क्षेत्र में व्यवस्थित खेल सुविधाओं की कमी को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पहल बस्तर से खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें विकसित करने के लिए एनएमडीसी के प्रयास का हिस्सा है। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां एथलेटिक्स के लिए संगठित बुनियादी ढांचे और पेशेवर कोचिंग तक पहुंच पारंपरिक रूप से सीमित रही है। नेताम, जो कि जगदलपुर में महानिरीक्षक कार्यालय में तैनात हैं, उन्होंने अपने पुलिस ड्यूटी के साथ संतुलन बनाए रखते हुए मुख्यत: अपने बलबूते पर तैयारी की। वे सुबह, शाम प्रशिक्षण लेते थे और अपने अवकाश के दिनों में कठिन वर्कआउट करते थे। यह बहुत, बहुत बड़ी उपलब्धि है। वे पूरी तरह से एक रॉ टैलेंट हैं और देश के सबसे दूर-दराज के इलाकों से आते हैं, जो हाल तक हिंसा से बुरी तरह प्रभावित था। एनएमडीसी की पहल ने इस क्षेत्र के युवाओं को एक मंच प्रदान करने में मदद की है। इस वर्ष उस क्षेत्र के 170 से अधिक युवाओं की पहचान की गई, उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया गया और उनकी भागीदारी के लिए सभी व्यवस्थाओं के साथ हैदराबाद लाया गया।

हैदराबाद मैराथन के रेस डायरेक्टर ने भी नेताम की क्षमता पर भरोसा जताया और कहा कि पेशेवर सहायता से उनके प्रदर्शन में काफी सुधार हो सकता है। उसका प्रदर्शन उत्साहवर्धक रहा। उन्होंने कहा कि मैं कहूंगा कि यह एक महान प्रतिभा की पहचान है और अगर एनएमडीसी इनकी सहायता करता है, तो इसे और आगे ले जाया जा सकता है। नेताम ने पहले एक अन्य प्रतियोगिता में 2 घंटे और 30 मिनट का समय लिया था, जिससे पता चलता है कि पेशेवर कोचिंग, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन के साथ सुधार की काफी गुंजाइश है। एनएमडीसी का प्रस्तावित सहयोग एक संरचित प्रशिक्षण योजना, विशेषज्ञ कोचिंग, रिकवरी सहयोग, प्रतियोगिता एक्सपोजर और अंतरराष्ट्रीय दौड़ की तैयारी के माध्यम से नेताम की रॉ क्षमता को निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन में बदलने पर ध्यान केंद्रित करेगा। एनएमडीसी की स्पॉन्सरशिप और लंबे समय तक मिलने वाले सहयोग से, नेताम के पास अब पुलिस ड्यूटी के बीच स्व-निर्देशित प्रशिक्षण से बोस्टन मैराथन और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए एक प्रोफेशनल रास्ते पर आगे बढ़ने का मौका है। बस्तर से हैदराबाद मैराथन तक का उनका सफर एनएमडीसी की उस कोशिश की शुरुआत है, जिसका मकसद एक होनहार क्षेत्रीय धावक को वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एक बेहतरीन एथलीट में बदलना है।

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