October 7, 2026

22वें राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का हुआ समापन

जगदलपुर । 22वें राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में रायपुर ओवरऑल चैंपियन बनी । समापन समारोह में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है, जिससे उन्हें बेहतर प्रशिक्षण मिले और वे देश-दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें । जगदलपुर में सिटी ग्राउंड, हाता ग्राउण्ड, इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम और धरमपुरा का क्रीड़ा परिसर जर्जर स्थिति में था। इन खेल अधोसरंचनाओं का विकास अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जा रहा है। इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम के फुटबॉल मैदान को फीफा द्वारा मान्यता दी गई है। उन्होंने कहा कि अच्छे खेल मैदानों में प्रशिक्षण से खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा निखरती है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब खेल की दुनिया में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने कहा कि खेल जीवन का हिस्सा है और खेलना जरुरी है। उन्होंने खेलों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि जो शारीरिक और मानसिक रुप से सबल होंगे, वे ही देश-प्रदेश और समाज की सेवा बेहतर ढंग से कर सकेंगे।

रायपुर टीम बनी ओवरऑल चैम्पियन

हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप ने कहा कि खेल जीवन में अनुशासन सिखाता है। खेल के माध्यम से आगे बढ़ने वाले विद्यार्थियों को निरंतर यात्राओं का अवसर प्राप्त होता है, जिससे वे अपने क्षेत्र के साथ ही दूसरे क्षेत्रों को भी निकट से देख पाते हैं। उन्होंने कहा कि खेल अनुदेशकों द्वारा खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को निरंतर निखारा जा रहा है तथा खिलाड़ियों को खेल के प्रति अपनी रुचि निरंतर बनाए रखना चाहिए।
पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा कि क्रीड़ा प्रतियोगिताओं का आयोजन लोगों का खेलों के प्रति रुझान बढ़ाना तथा खिलाड़ियों को अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि अब पालकों में खेलों के प्रति सकारात्मक रुझान देखा जा रहा है और वे इसे कैरियर के रुप में स्वीकार करने लगे हैं और बच्चों को समर्थन दे रहे हैं। यह एक अच्छा रुझान है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का वास होता है, इसलिए खेलों को अपने दैनिक गतिविधि में शामिल करना चाहिए। विशेषकर विद्यार्थी जीवन से खेलों को अपनी गतिविधि में शामिल करना चाहिए, ताकि यह प्रतिदिन की आदत में शामिल हो।
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के सहायक संचालक विजेन्द्र डोंगरे, राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला मिशन समन्वयक अखिलेश मिश्रा, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक राजेन्द्र डेकाटे, लोक शिक्षण के सहायक संचालक अनिल मिश्रा, सहायक परियोजना अधिकारी राजेन्द्र पांडे उपस्थित थे।

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