September 20, 2026

कभी था बस्तर नक्सलगढ़, अब बन रहा विकास का गढ़

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के दक्षिणी सीमावर्ती इलाके जिनकी पहचान कभी नक्सलियों के गढ़ के रूप में हुआ करती थी, अब वह तेजी से विकास के गढ़ के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। बस्तर के कैनवास पर अब एक नई तस्वीर उभर कर सामने आ रही है। यह राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़-संकल्प के चलते संभव हो पाया है राज्य के घोर नक्सल प्रभावित जिलों में विकास की नई रेखाएं खींच रही हैं। कभी पिछड़ेपन और भय का पर्याय माने जाने बस्तर क्षेत्र में आज विकास की नई इबारतें लिखी जा रही हैं। विष्णु देव सरकार की जनहितैषी नीति, नक्सलवाद उन्मूलन अभियान और समग्र विकास ने इन क्षेत्रों में सकारात्मक और परिणाममूलक परिवर्तन की शुरुआत कर दी है।

राज्य के सात घोर नक्सल प्रभावित जिलों में से छह जिले कांकेर, बस्तर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर बस्तर संभाग के अंतर्गत आते हैं तथा एक जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी दुर्ग संभाग का हिस्सा है। इन जिलों में पिछले 15 महीनों में नक्सल उन्मूलन अभियान और विकास की रणनीति को समानांतर रूप से लागू करते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलियों के पैर उखाड़ने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी नीतियों और योजनाओं की बदौलत अब आमजनता तेजी से विकास मुख्यधारा से जुड़ रही है। शासन प्रशासन की सक्रियता, जनसंपर्क और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से अब इन क्षेत्रों में विश्वास और उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है। इन जिलों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं बड़ी तेजी से उपलब्ध कराई गई हैं। योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सुनिश्चित पहुंचाने का प्रयास भी लगातार जारी है।

छत्तीसगढ़ सरकार की पहल से नक्सल प्रभावित जिलों में 46 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिनके दायरे में आने वाले 145 गांवों में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना चलाई जा रही है। इन गांवों में विशेष शिविर लगाकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के 124 गांव सड़क मार्ग से जुड़ चुके हैं, शेष 31 पर कार्य प्रगति पर है। 145 गांवों में मार्च 2024 तक 122 स्कूल क्रियाशील थे, जो अब बढ़कर 144 हो गए हैं। विद्यार्थियों की संख्या में 20 प्रतिशत वृद्धि हुई है। क्रियाशील आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 193 से बढ़कर 202 हो गई है, और पंजीकृत बच्चों की संख्या में 30 प्रतिशत का इज़ाफा हुआ है। विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 1302 कार्य योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 308 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 999 कार्य प्रगति पर हैं।

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