जगदलपुर/बस्तर न्यूज
बस्तर एकेडमी ऑफ़ डांस आर्ट एंड लिटरेचर (बादल) आसना में कला एवं संगीत से संबंधित विषयों में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है । बादल संस्था में पिछले चार वर्षों से इन पाठ्यक्रमों में पढ़ाई चल रही है ,जिसका अब तक लगभग 200 कलाकारों ने लाभ उठाया है ।बादल संस्था इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से मान्यता प्राप्त है। इस संस्था में वर्तमान में दो वर्षीय लोक संगीत डिप्लोमा, एक वर्षीय छत्तीसगढ़ी लोक संगीत डिप्लोमा, दो वर्षीय सुगम संगीत डिप्लोमा गीतांजली, दो वर्षीय आर्ट एप्रिसियेशन चित्रकला डिप्लोमा, शास्त्रीय हिंदुस्तानी गायन डिप्लोमा ,शास्त्रीय कत्थक नृत्य और शास्त्रीय तबला वादन डिप्लोमा की कक्षाएं संचालित हैं। इन सभी कक्षाओ में प्रवेश हेतु बादल संस्था में आकर कार्यालयीन समय में सम्पर्क किया जा सकता है। इन पाठ्यक्रमों में से शास्त्रीय कत्थक नृत्य, शास्त्रीय हिन्दुस्तानी गायन और शास्त्रीय तबला वादन के लिए न्यूनतम योग्यता कक्षा चौथी उत्तीर्ण निर्धारित है, लोकसंगीत एवं सुगम संगीत डिप्लोमा के लिए कक्षा आठवीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है और चित्रकला व योग सर्टिफिकेट कोर्स के लिए कक्षा बारहवीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य हैं।
उल्लेखनीय बात यह है कि बादल संस्था में प्रवेश हेतु उम्र की कोई सीमा नहीं है। कक्षाएं भी शुक्रवार, शनिवार की संध्या और रविवार को प्रातः 11 बजे से लगाई जाती है।इन पाठयक्रमों में प्रवेश के लिए बादल आसना में कार्यालयीन समय में संपर्क किया जा सकता है ।



