दंतेवाड़ा। जिले के चारों विकासखंडों में आयोजित दो दिवसीय बस्तर ओलंपिक प्रतियोगिताओं का आज उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। बस्तर अंचल की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता में दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। क्लस्टर स्तर से शुरू हुई यह प्रतियोगिता विकासखंड स्तर के बाद जिला एवं संभाग स्तर तक आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में कबड्डी, वॉलीबॉल, रस्साकसी सहित विभिन्न खेल विधाओं में खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, कौशल और खेल भावना का प्रदर्शन किया।

विधायक चैतराम अटामी ने अपने उद्बोधन में कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बस्तर की प्रतिभा, संस्कृति और सामर्थ्य को पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस आयोजन से सुदूर गांवों के युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने अपने उद्बोधन में कहा कि बस्तर ओलंपिक ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रहा है। इस आयोजन के माध्यम से गांवों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान मिल रही है।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, खेल प्रशिक्षक, आयोजन समिति के सदस्य, खिलाड़ी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
