Dantewada

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर विद्यार्थियों ने सीखी रॉकेट विज्ञान की बारीकियां

दंतेवाड़ा। जिला प्रशासन दंतेवाड़ा द्वारा संचालित जिला विज्ञान केंद्र में तृतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। भारत के ऐतिहासिक चंद्रयान-3 मिशन की सफलता की स्मृति में आयोजित विज्ञान महोत्सव में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दंतेवाड़ा, सक्षम विद्यालय जावांगा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आवारभाटा, छू लो आसमान (बालिका) सहित विभिन्न विद्यालयों के 70 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण जल रॉकेट निर्माण कार्यशाला रहा। और विद्यार्थियों, विशेषकर बालिकाओं द्वारा बेकार प्लास्टिक बोतलों और गत्ते की सहायता से अपने जल रॉकेट तैयार किए। इस दौरान उन्हें वायुगतिकी और न्यूटन के गति के नियमों को प्रयोग के माध्यम से समझाया गया। इसके बाद विज्ञान केंद्र के मैदान में विद्यार्थियों द्वारा तैयार रॉकेटों ने पानी और वायु के दबाव से सफल उड़ान भरी। रॉकेटों को आसमान में उड़ता देख विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर के सहयोग से 360 डिग्री चलित तारामंडल प्रदर्शन का भी आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने तारों, ग्रहों, आकाशगंगाओं और अंतरिक्ष से जुड़े विभिन्न विषयों को रोचक एवं जीवंत तरीके से समझा। इसके साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भाषण प्रतियोगिता में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आवारभाटा की कक्षा 9वीं की छात्रा आयुषी साहू ने प्रथम, वाणी साहू ने द्वितीय तथा मनीता बघेल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में पल्लवी यादव, सुगंध, डालेंद्र एवं तनु साहू को उत्कृष्ट कलाकृतियों के लिए पुरस्कृत किया गया।

समापन अवसर पर सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी राम मिलन रावटे, पॉलिटेक्निक महाविद्यालय जावांगा के राघवेंद्र दीवान तथा जिला विज्ञान केंद्र के नोडल अधिकारी वेंकट ताटी ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। सभी 70 प्रतिभागी विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र भी दिए गए। जिला विज्ञान केंद्र के प्रधान संग्रहाध्यक्ष एवं केंद्र प्रमुख उपेंद्र गौतम ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तार्किक दृष्टिकोण और प्रयोगशीलता को बढ़ावा देना है, ताकि दक्षिण बस्तर के विद्यार्थी भविष्य में विज्ञान, अंतरिक्ष अनुसंधान और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन कर सकें। विज्ञान संचारक डिकेश यादव, रोशनी ताती, मंगलू पोडियम एवं अनुसेवक मुकेश शोरी ने कार्यशाला सामग्री प्रबंधन, तकनीकी सहयोग और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाई।

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