जगदलपुर। बस्तर अंचल के प्रतिभावान और नैसर्गिक खिलाड़ियों के लिए एक बेहद उत्साहजनक खबर है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जगदलपुर में इसी वित्तीय वर्ष से एथलेटिक्स, फुटबॉल और तीरंदाजी के बालक वर्ग के लिए बस्तर की पहली आवासीय खेल अकादमी शुरू करने की तैयारियां युद्ध स्तर पर की जा रही हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने और उपलब्ध अधोसंरचनाओं का निरीक्षण करने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम और विभागीय अधिकारियों की टीम ने दौरा किया। इस दौरान संचालक मैडम ने स्थानीय अधिकारियों के साथ अकादमी के संचालन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण और आवश्यक बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए तैयार की जा रही आवास व्यवस्था, भोजन प्रबंधन, स्कूल व शिक्षा की सुविधा, वाहन व्यवस्था तथा आधुनिक खेल सामग्री सहित तमाम मूलभूत आवश्यकताओं का गहन निरीक्षण किया।
खेल अधिकारी सुशांत पॉल से तैयारियों का जानकारी लेते हुए उन्होंने पूरे भवन का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि खिलाड़ियों को एक उत्कृष्ट, सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
संचालक ने इस अवसर पर कहा कि बस्तर क्षेत्र में इस आवासीय खेल अकादमी के प्रारंभ होने से स्थानीय प्रतिभावान खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे वे राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर पदक अर्जित करने में सफल होंगे। बस्तर क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होने जा रही इस पहली आवासीय खेल अकादमी में प्रवेश के लिए बहुत जल्द चयन ट्रायल का विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसमें 13 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक खिलाड़ी हिस्सा ले सकेंगे। अकादमी में कुल 65 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, जिसमें फुटबॉल के लिए 25, एथलेटिक्स के लिए 20 और आर्चरी के लिए 20 सीटें निर्धारित की गई हैं। इस अकादमी के माध्यम से खेल विभाग द्वारा चयनित खिलाड़ियों को पूरी तरह निशुल्क उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, संतुलित डाइट, आधुनिक खेल उपकरण, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य बीमा, खेल किट और इलाज के साथ-साथ उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर प्रदान किए जाएंगे। प्रवास के दौरान संचालक ने पंडरीपानी में संचालित खेलो इंडिया लघु केंद्र (हॉकी सेंटर) का भी दौरा किया। वहां नियुक्त हॉकी प्रशिक्षक कार्तिक यादव ने उन्हें हॉस्टल भवन और जिम हॉल का निरीक्षण कराते हुए केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों की संख्या और उपलब्ध खेल सामग्रियों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान संचालक ने मैदान पर अभ्यास कर रहे युवा खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात भी की और सीधे बातचीत कर उनकी खेल संबंधी जरूरतों और आवश्यकताओं का फीडबैक लिया।




