कांकेर/बस्तर न्यूज
महालक्ष्मी इंटरप्राइजेज कंपनी के संचालकों एवं सहयोगियों द्वारा कंपनी में पैसा निवेश करने पर 05 प्रतिशत ब्याज (कमीशन) देने तथा डेढ़ वर्ष में निवेश की गई रकम दोगुनी करने का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये निवेश कराए गए थे। आरोपियों द्वारा छत्तीसगढ़ के कांकेर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, बीजापुर सहित अन्य क्षेत्रों के लगभग 500 लोगों को अपने झांसे में लेकर करीब 70 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। आरोपियों द्वारा पीड़ित सरकारी कर्मचारियों एवं अन्य लोगों को अलग-अलग बैंकों से ऋण लेने के लिए प्रेरित कर ऋण की पूरी राशि कंपनी में निवेश कराई गई। शुरुआत में कुछ किश्तों का भुगतान करने के बाद आरोपियों ने रकम देना बंद कर दिया और निवेशकों की जमा राशि लेकर फरार हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष बंछोर के मार्गदर्शन एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस संतोष कुमार जैन के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी अंतागढ़ कोमल भूषण पटेल, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक नकुलचंद पैकरा, सहायक उपनिरीक्षक प्रदीप यादव, आरक्षक पुष्कर कश्यप, आरक्षक टिकेश्वर डोंगरे महिला आरक्षक लोकेश्वरी गावड़े सहित टीम थाना अंतागढ़ एवं साइबर सेल कांकेर की टीम द्वारा प्रकरण की विवेचना एवं आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रकरण में थाना अंतागढ़ में अपराध क्रमांक 58/2026, धारा 420, 120(बी), 112, 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। साइबर सेल कांकेर एवं थाना अंतागढ़ पुलिस द्वारा आरोपियों की तलाश एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही थी। पूर्व में दयाशंकर साहू को ग्राम ढेलका साजा जिला बेमेतरा तथा आरोपी नितिन निर्मलकर आरोपियों को रायपुर से पकड़ा गया था। पूछताछ एवं विवेचना के आधार पर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी विवेचना के दौरान सहयोगी आरोपी अमर कुमार निहाल, पिता बया निहाल, उम्र 41 वर्ष, कुआकोंडा, जिला दंतेवाड़ा को 24 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश कर जेल भेज दिया गया।
कांकेर पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अधिक मुनाफा, कम समय में पैसा दोगुना करने अथवा निवेश पर असामान्य ब्याज देने वाले किसी भी प्रलोभन में न आएं। किसी भी कंपनी अथवा व्यक्ति के पास पैसा निवेश करने से पहले उसकी विश्वसनीयता एवं वैधानिकता की जांच अवश्य करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि अथवा आर्थिक धोखाधड़ी की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
