दंतेवाड़ा/बस्तर न्यूज
जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए जिला पुलिस बल द्वारा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में जिले में साइबर अपराधियों एवं उनसे जुड़े नेटवर्क के विरुद्ध सतत एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में साइबर सेल, दंतेवाड़ा से प्राप्त संदिग्ध म्यूल अकाउंट संबंधी सूचना के आधार पर थाना कुआकोंडा द्वारा विस्तृत जांच एवं तकनीकी विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान साइबर सेल से प्राप्त अभिलेखों एवं समन्वय पोर्टलपर उपलब्ध जानकारी के विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया कि आरोपी दीपेश कुंजाम एवं चेतन कुंजाम अपने-अपने बैंक खाते, पासबुक, चेकबुक तथा एटीएम कार्ड अन्य व्यक्तियों को किराये पर उपलब्ध कराते थे। इन बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के अवैध हस्तांतरण एवं निकासी के लिए किया जाता था। इसके बदले आरोपी कमीशन के रूप में आर्थिक लाभ प्राप्त करते थे। विस्तृत वित्तीय जांच में दोनों आरोपियों के बैंक खातों में साइबर ठगी से संबंधित कुल 5,29,898 का संदिग्ध लेन-देन पाया गया। उपलब्ध दस्तावेजी एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया आरोप सिद्ध पाए जाने पर आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(4) एवं 318(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया। तत्पश्चात दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा दिया गया।
नागरिकों से दंतेवाड़ा पुलिस की अपील
दंतेवाड़ा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी अज्ञात अथवा अपरिचित व्यक्ति को अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड अथवा अन्य बैंकिंग दस्तावेज किसी भी परिस्थिति में उपयोग हेतु न दें और न ही किराये पर उपलब्ध कराएं। साइबर अपराधी लालच, कमीशन अथवा अन्य प्रलोभन देकर बैंक खातों का उपयोग अवैध वित्तीय लेन-देन के लिए करते हैं, जिससे संबंधित खाताधारक भी आपराधिक एवं विधिक कार्रवाई का भागीदार बन सकता है। यदि कोई व्यक्ति बैंक खाता अथवा बैंकिंग दस्तावेज किराये पर लेने या उपलब्ध कराने का प्रस्ताव देता है, तो इसकी सूचना तत्काल सायबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस थाना/सायबर थाना को दें।




