September 11, 2026

दीक्षांत समारोह में एम्स के 376 महिलाओं और 313 पुरुषों को डिग्री मिली

रायपुर। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होकर कहा कि यह दीक्षांत समारोह केवल उत्सव का क्षण नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि “आज युवाओं को जो डिग्रियां मिल रही हैं और कल इससे कहीं अधिक मूल्यवान जिम्मेदारी सौंपी जाएगी “भारत की जनता का स्वास्थ्य, विश्वास और जीवन।” एम्स रायपुर के दीक्षांत समारोह में 376 महिलाओं और 313 पुरुषों को डिग्री प्रदाय की गई। उपराष्ट्रपति ने मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।उपराष्ट्रपति ने कहा कि 2012 में स्थापना के बाद से एम्स रायपुर ने मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान से जुड़ी क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि बेहद कम समय में यह संस्थान छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों के लिए एक प्रमुख तृतीयक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है और ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों तक भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर का विकास छत्तीसगढ़ में हो रहे उल्लेखनीय परिवर्तन को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दशकों से चली आ रही चुनौतियों का जिक्र करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि कठिन भौगोलिक स्थिति, आवागमन की खराब सुविधा और वामपंथी उग्रवाद ने विकास में गंभीर बाधाएं खड़ी की। कई दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में भय और हिंसा ने सड़कों, स्कूलों और अस्पतालों के विकास को बाधित कर दिया, जिससे समुदायों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में दूरी और अभाव का सामना करना पड़ता था।

दीक्षांत समारोह का प्रमुख आकर्षण विभिन्न चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को 689 डिग्री प्रमाण-पत्रों का वितरण रहा। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 16 पुरस्कार भी प्रदान किए गए। यह अवसर विद्यार्थियों, उनके परिवारों, शिक्षकों और पूरे एम्स रायपुर परिवार के लिए गर्व और खुशी का क्षण रहा।

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल ज्ञान और कौशल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें धैर्य, करुणा और गहरी जिम्मेदारी की भावना भी आवश्यक है। चिकित्सा का वास्तविक उद्देश्य मानवता की सेवा है और एक चिकित्सक की श्रेष्ठता केवल उसकी पेशेवर दक्षता से नहीं, बल्कि मरीजों के साथ किए जाने वाले व्यवहार, विश्वास और सम्मान से भी निर्धारित होती है। उन्होंने सभी उत्तीर्ण विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल, सफल एवं संतोषप्रद भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने भी विद्यार्थियों को बधाई दी और आयुष्मान भारत, PM-JAY ABHA और e-Sanjeevani जैसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों का उल्लेख करते हुए युवा डॉक्टरों से चिकित्सा उत्कृष्टता के साथ करुणा, नैतिकता, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, शोध और समाज सेवा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने संस्थान की प्रगति और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए चिकित्सा शिक्षा, शोध, नवाचार और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं में उच्च मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्मृातक विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और पेशेवर कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र की सेवा में करने का आह्वान किया।

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