जगदलपुर/बस्तर न्यूज
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद बस्तर जिला के तत्वावधान में सम्मान समारोह का आयोजन भाजपा जिला कार्यालय में किया गया। कार्यक्रम में बस्तर जिला अधिवक्ता संघ में विगत 40 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे वरिष्ठ अधिवक्ताओं का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। समारोह में गुरु-शिष्य परंपरा, अधिवक्ता पेशे की गरिमा तथा वरिष्ठों के अनुभवों के महत्व पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।
इस मौके पर अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद, मध्य क्षेत्र की सह-संयोजक झरना बांगर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा सदैव से ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन का आधार रही है। अधिवक्ता जगत में भी यह परंपरा आज पूरी गरिमा के साथ जीवंत है। नए अधिवक्ता अपने वरिष्ठों के अनुभवों से सीख लेकर न्यायिक कार्यों का संचालन करते हैं और उनके बताए मार्ग पर चलते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। सम्मानित वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपने उद्बोधन में युवा अधिवक्ताओं से ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ विधि व्यवसाय में आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।उन्होंने कहा कि जब भी कनिष्ठ अधिवक्ताओं को किसी विषय में जानकारी या मार्गदर्शन की आवश्यकता होगी हम सदैव तत्पर रहेंगे। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए इससे वार्तालाप की स्थिति निर्मित होती है और समस्याओं के समाधान का रास्ता निकलता है। कार्यक्रम का संचालन बस्तर जिला अधिवक्ता संघ की उपाध्यक्ष प्रीति वानखेड़े ने प्रभावी ढंग से किया। आरती दुआ ने अतिथियों, अधिवक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश पाणिग्रही, सपन देवांगन, संजय विश्वकर्मा, नवीन ठाकुर, श्रीनिवास रथ, प्रतिमा राय, उमेश चंद्र ठाकुर, जय प्रकाश पाढ़ी, तापस विश्वास, जयंत विश्वास, मनीषा खरे, बसंत यादव, हेमलता नक्का, भानु चौरसिया, नितिन जैन, मलय झा, वरुणा विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की उपस्थिति रही।



