किरंदुल/बस्तर न्यूज
आर्सेलरमित्तल निप्पन स्टील इंडिया ने अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है। कंपनी के बेनिफिसिएशन प्लांट द्वारा संचालित ‘ज्ञानज्योति’ छात्रवृत्ति कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र के उन मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़ी सफलता हासिल की है। दंतेवाड़ा जिले के अत्यंत दूरस्थ और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र चोलनार और मदाड़ी ग्राम पंचायत के चार प्रतिभावान विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छात्रवृत्ति राशि और प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। यह इस पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है क्योंकि पहली बार इन ग्राम पंचायतों के युवाओं ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इस स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
सम्मानित होने वाले छात्रों में भीमा मंडावी, जिन्होंने बी.वी.एससी. एवं ए.एच. में प्रवेश पाया है, वहीं राजेश कुमार कड़ती का चयन प्रतिष्ठित एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए हुआ है। इनके साथ ही तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में राकेश कड़ती को बी.टेक. इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और सोनिया मंडावी को बी.टेक. बायोटेक्नोलॉजी में सफलता प्राप्त करने पर विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया। इन युवाओं ने चिकित्सा और इंजीनियरिंग जैसे चुनौतीपूर्ण विषयों को चुनकर यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और सहायता मिले, तो ग्रामीण प्रतिभाएं भी देश के किसी भी मंच पर अपनी काबिलियत का लोहा मनवा सकती हैं।
आर्सेलर मित्तल निप्पन स्टील इंडिया के जीएम (बीपी एंड एसपीएल), प्रोजेक्ट हेड, सिविल इंजीनियरिंग विभाग और सीएसआर टीम के अधिकारियों ने छात्रों को पुरस्कृत किया।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें जिला पंचायत सदस्य सोमारू कड़ती, मंगल कुंजाम और आठ ग्राम पंचायतों के सरपंच मुख्य रूप से शामिल हुए। उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने आर्सेलरमित्तल निप्पन स्टील इंडिया की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी छात्रवृत्तियां न केवल छात्रों की आर्थिक बाधाओं को दूर करती हैं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं। इस अवसर पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए पुरस्कृत विद्यार्थियों ने कहा कि सुदूर अंचलों में संसाधनों की कमी के कारण उच्च शिक्षा का सपना देखना भी कठिन होता है, लेकिन आर्सेलरमित्तल निप्पन स्टील इंडिया की ‘ज्ञानज्योति’ छात्रवृत्ति ने उनकी राह आसान कर दी है। विद्यार्थियों ने इस सम्मान के लिए कंपनी का आभार जताते हुए कहा कि यह छात्रवृत्ति उनके लिए केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है कि वे भविष्य में अपनी शिक्षा पूरी कर अपने क्षेत्र और समाज की सेवा करें। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी के इस प्रोत्साहन से उनके जैसे अन्य ग्रामीण छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे बिना किसी वित्तीय चिंता के अपने करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।





