जगदलपुर/बस्तर न्यूज
बस्तर जिला मसीह समाज द्वारा आज गुड फ्राइडे को बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया। चालीस दिनों के उपवास कालीन आराधना के पश्चात इस सप्ताह को मसीह विश्वासी “दुख भोग सप्ताह” के रूप में मनाते हैं, जिसमें प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ाए जाने की घटना को स्मरण किया जाता है। मसीह विश्वास के अनुसार, यीशु मसीह ने पापियों के उद्धार के लिए अपना बलिदान दिया था, जिसे आज विशेष रूप से याद किया गया। समाज प्रमुखों द्वारा बताया गया कि विश्व प्रभु भोज के दिन, अर्थात तीन दिन पूर्व, यीशु मसीह को गतसमनी के बाग में उनके ही एक चेले द्वारा पकड़वाया गया था और इसके बाद शुक्रवार को उन्हें क्रूस पर चढ़ाया गया। इसी घटना के स्मरण में आज बस्तर के विभिन्न चर्चों में विशेष आराधना आयोजित की गई, जहां यीशु मसीह द्वारा क्रूस पर कहे गए सात वचनों पर मनन और चिंतन किया गया।

इसी क्रम में चंदैया मेमोरियल मेथोडिस्ट, एपिस्कोपल लाल चर्च में भी गुड फ्राइडे की आराधना संपन्न हुई, जिसकी संचालिका श्रीमती अल्पना जान रहीं। उपवास कालीन इस आराधना में युवाओं द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय का वितरण भी किया गया।
छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के प्रदेश उपाध्यक्ष रत्नेश बेंजामिन ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि गुड फ्राइडे के तीसरे दिन, अर्थात रविवार को ईस्टर पर्व मनाया जाएगा, जिसे प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर मसीह विश्वासी कब्रिस्तान जाकर अपने दिवंगत परिजनों की कब्रों पर फूल, अगरबत्ती, मोमबत्ती और माला अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।



