November 1, 2026

झिरका गांव में पहली बार पहुंचे पर्यटक, ग्रामीण पर्यटन को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

दंतेवाड़ा। जिले में ग्रामीण एवं जनजातीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक उत्साहजनक पहल देखने को मिली। जिले के झिरका ग्राम में स्थित प्रसिद्ध झारालावा जलप्रपात के क्षेत्र में पहली बार डेनमार्क से चार विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ। इस अवसर पर स्थानीय पर्यटन समिति एवं ग्रामीणों द्वारा विदेशी अतिथियों का उत्साह और आत्मीयता के साथ स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। डेनमार्क से आए पर्यटकों ने झिरका ग्राम की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक खानपान एवं ग्रामीण जीवनशैली को करीब से जानने का अनुभव प्राप्त किया।

झिरका ग्राम में विदेशी पर्यटकों का आगमन इस बात का सकारात्मक संकेत है कि दंतेवाड़ा की प्राकृतिक विरासत, जीवंत जनजातीय संस्कृति अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भी आकर्षित कर रही है।

भ्रमण के दौरान विदेशी पर्यटकों ने बस्तर की प्रसिद्ध पारंपरिक चापड़ा चटनी को तैयार करने की संपूर्ण प्रक्रिया देखी। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से चटनी बनाने की पारंपरिक विधि के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा इसके अनूठे स्वाद का आनंद भी लिया। इसके पश्चात पर्यटकों ने झिरका ग्राम का भ्रमण कर स्थानीय ग्रामीण जीवन, रहन-सहन एवं पारंपरिक गतिविधियों को करीब से देखा। इस दौरान उन्होंने बस्तर की पारंपरिक महुआ निर्माण प्रक्रिया को भी विस्तार से समझा तथा इससे जुड़ी स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की। झिरका ग्राम में विदेशी पर्यटकों का यह पहला आगमन स्थानीय ग्रामीण पर्यटन के विकास की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। झारालावा जलप्रपात की प्राकृतिक सुंदरता के साथ यहाँ की विशिष्ट जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजन एवं ग्रामीण जीवनशैली पर्यटकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करने की क्षमता रखते हैं। इस प्रकार की पर्यटन गतिविधियों से न केवल दंतेवाड़ा जिले के कम चर्चित पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की संभावनाएँ बढ़ेंगी, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए पर्यटन आधारित रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी विकसित हो सकेंगे।

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