October 20, 2026

रेल कनेक्टिविटी से बदलेगी बस्तर की तस्वीर, रावघाट तक पहुंची ट्रेन

कांकेर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई। दल्लीराजहरा रावघाट रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत ताड़ोकी से रावघाट के बीच नवनिर्मित 17.5 किलोमीटर रेलखंड का उद्घाटन किया गया। इसके साथ रावघाट से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक रेलवे की सुविधा उपलब्ध हो गई हैं। आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक रेल पहुंचने से क्षेत्र के लोगों का वर्षों पुराना सपना साकार हुआ है। यह उपलब्धि केवल रेल लाइन के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि बस्तर के दूरस्थ गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर से तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रेल सेवा का शुभारंभ किया। वहीं सांसद भोजराज नाग एवं विधायक विक्रम देव उसेंडी ने भी रावघाट रेलवे स्टेशन से रावघाट-रायपुर मेमो पैसेंजर को हरी झंडी दिखाकर रायपुर के लिए रवाना किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर क्षेत्र के ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। सांसद एवं विधायक ने ग्रामीणों के साथ रावघाट से अंतागढ़ तक रेल यात्रा भी की। यात्रियों को इस अवसर पर निःशुल्क डेमो टिकट कार्ड प्रदान किए गए।

ग्रामीण बच्चों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान

रावघाट तक रेल पहुंचने से अब दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों के लिए शहरों में जाकर पढ़ाई करना पहले की तुलना में आसान होगा। बेहतर आवागमन सुविधा मिलने से बच्चों को उच्च शिक्षा के अवसरों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही ग्रामीणों को इलाज के लिए बड़े अस्पतालों तक पहुंचने, जरूरी सामान खरीदने, रोजगार के अवसर तलाशने और व्यापारिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने में भी सुविधा होगी।
अब तक दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित परिवहन सुविधाओं के कारण क्षेत्र के लोगों को आवागमन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रेल सेवा शुरू होने से समय और यात्रा खर्च में राहत मिलेगी। यह सुविधा विशेष रूप से विद्यार्थियों, मरीजों, श्रमिकों, किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए लाभकारी साबित होगी।

विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा बस्तर

बस्तर अंचल में रेल सेवा का विस्तार क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। सांसद भोजराज नाग ने कहा कि बस्तरवासी आजादी के बाद से रेल सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे थे। दुर्गम क्षेत्र में रेल लाइन का विस्तार करना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निरंतर प्रयासों से यह सपना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ा है। नक्सलवाद के समाप्ति एवं क्षेत्र में विकास के वातावरण के बीच ऐसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार बस्तर के लिए नई संभावनाएं खोल रहा है। रेल संपर्क से स्थानीय लोगों का देश के अन्य हिस्सों से जुड़ाव बढ़ेगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे। रावघाट तक रेल पहुंचना इस बात का प्रतीक है कि बस्तर का दूरस्थ अंचल भी अब विकास की नई यात्रा में आगे बढ़ रहा है। रेल की सीटी के साथ यहां के बच्चों के बेहतर भविष्य, मरीजों की आसान यात्रा, युवाओं के रोजगार और स्थानीय व्यापार की नई उम्मीदों ने भी गति पकड़ी है।

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