October 16, 2026

एनएमडीसी की डिजिटल पहल, NSL पोर्टल और क्वार्टर प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ

हैदराबाद/बस्तर न्यूज

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में पारदर्शिता, जवाबदेही और साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एनएमडीसी ने महत्वपूर्ण पहल की है। एनएमडीसी के सतर्कता विभाग द्वारा हैदराबाद में आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में एनएमडीसी स्टील लिमिटेड के लिए सतर्कता पोर्टल, कर्मचारी आवास के लिए ऑनलाइन क्वार्टर प्रबंधन प्रणाली तथा एनएमडीसी सतर्कता मैनुअल-2026 के दूसरे संस्करण का अनावरण किया गया। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ की अवधारणा को साकार करते हुए संस्थागत कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना था।

ईमानदार अधिकारियों की सुरक्षा के साथ जवाबदेही जरूरी : प्रवीण वशिष्ठ

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सतर्कता आयुक्त प्रवीण वशिष्ठ ने सतर्कता संबंधी दिशानिर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईमानदार अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ जवाबदेही की व्यवस्था को भी मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने जोखिम आधारित निरीक्षण, प्रणालीगत सुधार और समयबद्ध जांच को निवारक सतर्कता के महत्वपूर्ण आधार बताते हुए मुख्य सतर्कता अधिकारियों की भूमिका रेखांकित की। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जवाबदेही सुनिश्चित करते समय व्यावसायिक दक्षता और निर्णय प्रक्रिया प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

जिम्मेदार खनन और सामुदायिक विकास पर एनएमडीसी का जोर

एनएमडीसी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी ने कंपनी के स्थिरता प्रदर्शन और जिम्मेदार खनन के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनएमडीसी का स्थिरता प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय खनन कंपनियों की तुलना में सकारात्मक रहा है। उन्होंने कंपनी के रिकॉर्ड लौह अयस्क उत्पादन, नए खनिज संसाधनों के दोहन और परिचालन इकाइयों के आसपास रहने वाले समुदायों के जीवन स्तर में सुधार के लिए संचालित नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहलों की जानकारी भी दी।

18 संगठनों के 113 अधिकारियों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के 18 सरकारी संगठनों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत बोर्डों के कुल 113 अधिकारियों ने भाग लिया। विभिन्न सत्रों में शिकायत प्रबंधन तंत्र, सतर्कता संबंधी स्वीकृतियां, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम), साइबर सुरक्षा की नई विशेषताओं और साइबर स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने अधिकारियों को इन व्यवस्थाओं के प्रभावी उपयोग और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के संबंध में मार्गदर्शन दिया।

साइबर सुरक्षा और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता पर मंथन

कार्यक्रम में नितिन कुमार, संयुक्त सचिव, केंद्रीय सतर्कता आयोग; कंवलप्रीत, अपर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जीईएम; तथा सुश्री इंद्रावेनी चेबोलू, वैज्ञानिक-एफ एवं एसोसिएट डायरेक्टर, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक), हैदराबाद ने अपने अनुभव साझा किए। संवाद सत्रों में खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, उभरते साइबर सुरक्षा खतरों और जीईएम की सुविधाओं के प्रभावी उपयोग पर विशेष चर्चा हुई।

विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर किया प्रोत्साहित

युवा पीढ़ी में नैतिकता और सत्यनिष्ठा के मूल्यों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एनएमडीसी द्वारा सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता स्कूली विद्यार्थियों को भी कार्यक्रम में पुरस्कार प्रदान किए गए। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में ईमानदारी, नैतिक जिम्मेदारी और पारदर्शिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। एनएमडीसी की इन पहलों को सतर्कता व्यवस्था के आधुनिकीकरण, डिजिटल प्रक्रियाओं को प्रोत्साहन और संस्थागत जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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