जगदलपुर। ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व को लेकर इन दिनों उत्साह अपने चरम पर है और पर्व के मुख्य आकर्षण के रूप में आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ का निर्माण कार्य पूरी गति से चल रहा है। इस भव्य रथ को नियत समय पर आकार देने के लिए झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के पारंपरिक कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं। बिना किसी आधुनिक मशीन और तकनीकी माप-जोख के, ये हुनरमंद कारीगर अपनी पीढ़ियों पुरानी शिल्पकला और गहरी आस्था के बल पर भारी-भरकम काष्ठ लट्ठों को तराश कर इस विशालकाय स्वरूप में ढाल रहे हैं। बस्तर दशहरा की अनूठी परंपरा के अनुसार तैयार हो रहे इस आठ पहियों वाले विजय रथ की परिक्रमा के लिए किलेपाल क्षेत्र के माड़िया समुदाय के युवाओं को जिम्मेदारी दी जाती है। प्रशासन और आयोजन समिति भी सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगी हुई है।
