जगदलपुर/बस्तर न्यूज
आज केदार कश्यप परिवहन मंत्री छत्तीसगढ़ शासन से बस्तर परिवहन संघ के अध्यक्ष प्रदीप पाठक के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारीयों एवं सदस्यजनों ने आत्मीय भेंट की गई, जिसमें मुख्य रूप से रायपुर से जगदलपुर परचून परिवहन में आ रहे अनावश्यक मतभेदों पर चर्चा किया गया व उक्त मामले पर परिवहन मंत्री को विस्तार पूर्वक स्पष्टता से सारे विषयो पर जानकारी दी गई।
अध्यक्ष प्रदीप पाठक द्वारा मंत्री केदार कश्यप जी को अवगत कराया गया कि रायपुर स्थित परचून ट्रांसपोर्टरों (गैरेज संचालकों) द्वारा मनमाने ढंग से बीपीएस के छोटे वाहन मालिको का शोषण किया जा रहा है। वाहन की भार क्षमता से अधिक माल लोड करवाकर भेजा जाता है, किंतु भाड़ा 15 से 16 टन का ही दिया जाता है, वाहन के लोडिंग से लेकर अनलोडिंग होने तक विभिन्न प्रकार के शुल्क वाहन चालकों के ऊपर थोपा जा रहा है, उसके उपरांत भाड़ा भुगतान में भी अनलोडिंग चार्जेस के नाम पर अनावश्यक शुल्क की कटौती की जा रही है। बाजार में ऐसा भ्रम फैलाया जा रहा है कि बीपीएस के द्वारा भाड़ा में वृद्धि किया गया है, जिसका बीपीएस अध्यक्ष ने खंडन किया गया व कहा गया कि बीपीएस द्वारा परिवहन भाड़ा में किसी प्रकार का कोई वृद्धि नही की गई है। बस्तर परिवहन संघ में 2000 से अधिक सदस्य हैं, जो कि सम्पूर्ण बस्तर के अलग अलग क्षेत्रो से आते हैं, संघ अपने समस्त सदस्यों को समान अवसर देने हेतु प्रतिबद्ध है, किसी भी संस्था में या समाज मे 2000 में से किन्ही 4 से 5 सदस्यों के लिए नियम व कानून अलग नही हो सकते, सबके समानाधिकार हेतु क्यू सिस्टम (पंक्तिवद्ध) आवश्यक है। जिससे विवाद की आशंका भी कम होती है किन्तु परचून ट्रांसपोर्टर (गैरेज संचालक) अपनी स्वयं की गाड़ियों को बिना क्यू (पंक्तिवद्ध) के रायपुर पहुंचने पर तत्काल बिना इंतज़ार के अपने परचून गैरेज में लोडिंग करवाया जाता है। संघ के अन्य सभी सदस्य लाइन लगाकर अपनी बारी आने का 10 दिन इंतज़ार करते हैं। लोडिंग, परिवहन व अनलोडिंग की प्रक्रिया पूर्ण करने पश्चात जब भार क्षमता से कम भाड़ा मिलता है संघ के एक आम सदस्य बड़ी मायूसी के साथ अपनी आपत्ति दर्ज करता है।
