दंतेवाड़ा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिले सहित संभाग के विभिन्न न्यायालयों में किया गया। नेशनल लोक अदालत का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दंतेवाड़ा के साथ-साथ सुकमा, बीजापुर एवं बचेली के न्यायालयों तथा दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के राजस्व न्यायालयों में एक साथ किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संतोष कुमार आदित्य ने नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ करते हुए कहा कि नेशनल लोक अदालत के लिए गठित खंडपीठ के न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, पक्षकारों एवं न्यायालयीन कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण करे।
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संतोष कुमार आदित्य ने कहा कि लोक अदालत केवल न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के बोझ को कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज में आपसी सुलह, सौहार्द और न्याय की भावना को मजबूत करने का प्रभावी मंच भी है। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति से अपने विवादों का समाधान कर समय एवं धन दोनों की बचत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में किसी भी पक्षकार की हार नहीं होती, बल्कि आपसी सहमति से विवाद का समाधान होने के कारण दोनों पक्षों के बीच प्रेम, सद्भाव एवं विश्वास कायम रहता है तथा आपसी वैमनस्यता समाप्त होती है। उन्होंने आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की।
