Sukma

नक्सलियों के गढ़ रायगुड़ेम में गृहमंत्री ने लगाई जनचौपाल

सुकमा। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा अपने एक दिवसीय सुकमा प्रवास में अति संवेदनशील क्षेत्र रायगुड़म पहुंचे। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला मौका है, जब कोई गृहमंत्री पहली बार इस क्षेत्र में पहुंच हो। लंबे समय से नक्सलियों के कब्जे में रहे इस गांव में पहली बार किसी मंत्री ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के लिए जनचौपाल लगाई। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कोंटा विकासखंड के रायगुड़ेम कैम्प में पहले सीआरपीएफ जवानों से मुलाकात की और फिर ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद डिप्टी सीएम बाइक पर सवार होकर बीहड़ इलाकों से होते हुए ग्रामीणों तक पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ जमीन में बैठकर चौपाल लगाई और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही इस क्षेत्र में विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।

गृहमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आप सभी लोगों को नमस्ते बोले हैं। मुख्यमंत्री का संदेश है कि कलेक्टर स्वयं खड़े होकर आप सभी लोगों का आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, आयुष्मान कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र सब कुछ बनायेंगे। गाँव के सभी नौजवान, दीदी, भैया लोगों को रायपुर घूमाने लेकर जाएँगे और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी मिलवाएँगे। जल्द ही आपके गाँव में बिजली आएगी, सड़क बन ही रहा है।
तेंदूपत्ता इस बार सरकार ख़रीदेगी। इसलिए सरकार को इस बार तेंदूपत्ता बेचना है। कुछ भी जरूरत होती है, तो कलेक्टर को भी फ़ोन करें और मुझे भी फ़ोन करें। आज तक आपके गाँव में स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल, बिजली, सड़क, मोबाइल टावर नहीं आ सका क्योंकि नक्सलियों ने सभी विकास कार्य को रोक रखा था। अब किसी से डरने की जरूरत नहीं है। जगह जगह शासन के द्वारा आपकी सुरक्षा के लिए कैम्प लगाए गए हैं।

सुकमा जिले में स्थित रायगुड़ेम लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ रहा है। यह क्षेत्र नक्सली कमांडर मडवी हिडमा का गृह क्षेत्र भी है, जो बस्तर में नक्सलियों का एक प्रमुख चेहरा है। इस इलाके में सरकारी पहुंच न के बराबर रही है, जिसके कारण ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।

नक्सलवाद के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार की रणनीति

बस्तर में नक्सलवाद एक लंबे समय से चली आ रही समस्या है। उन्होंने नक्सलियों से मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है और बिना शर्त शांति वार्ता की पेशकश की है। हालांकि, शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया है कि वार्ता के लिए नक्सलियों को हिंसा छोड़नी होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा देश का सबसे अच्छा नक्सल पुनर्वास नीति लागू किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में गृहमंत्री के द्वारा सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत ग्रामीणों को उपयोगी सामानों का वितरण किया गया।

इस दौरान बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी पी. सुन्दराज, एसपी किरण गंगाराम चव्हाण, जिला सीईओ श्रीमती नम्रता जैन, सीईओ नवीन कुमार 223 बटालियन, टू आई सी सुरेश सिंग पायल स्टाफ ऑफिसर डी आई जी रैंक सुकमा, डीआईजी सूरज पाल वर्मा, सीईओ 74 बटालियन हिमांशु पांडे सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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