जगदलपुर/बस्तर न्यूज
जिला अधिवक्ता संघ की आज हुई आम सभा में संघ से जुड़े सदस्यों के हित में कई फैसले लिए गए। संघ अध्यक्ष विक्रमादित्य झा ने बताया संघ के ग्रंथालय भवन में हुई आमसभा में बड़ी संख्या में सदस्य व पदाधिकारी शामिल हुए।
आमसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि छग हाईकोर्ट की खंडपीठ बस्तर में शुरु करवाने 2011 से चले आ रहे प्रयासों को अमली जाम पहनाने कोशिश तेज होगी। इस बारे में इसी 25 मार्च को सभी सामाजिक और जागरुक संघठनों को मिलाकर संघर्ष समिति का गठन किया जाएगा। ये संघर्ष बस्तर संभाग के सभी जिलों के अधिवक्ता संघों के प्रतिनिधि एवं बस्तर संभाग के विभिन्न संस्था, संगठनों और समाज भी शामिल किए जाएंगे।
आमसभा के ये रहे मुख्य निर्णय
अध्यक्ष ने बताया संघ ने प्रतिमाह सदस्यता शुल्क 50 रु से बढ़ाकर 100 रु हर माह कर दिया है। संघ के किसी सदस्य द्वारा 6 माह तक लगातार शुल्क चुकाने में जानबूझ कर चूक करने पर उसका नाम राज्य विधिज्ञ परिषद से हटाने की अनुशंसा जिला अधिवक्ता संघ करेगा। इसके साथ ही संघ के किसी सदस्य की आकस्मिक मौत पर दी जाने वाली सहायता राशि 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रूपए कर दी गई है। इस मद में सीनियर अधिवक्ता अशफाक अहमद ने 51 हजार और अध्यक्ष ने अपनी ओर से 50 हजार, अधिवक्ता लिखेश्वर जोशी और श्रीमति संतोष जैन ने 21-21 हजार रुपए देने की घोषणा की। अधिवक्ता लिखेश्वर जोशी ने ऐसे जुनियर अधिवक्ता जो कानूनी नौकरियां पाने की कोशिश में जुटे हैं उनके लिए किताबों का सेट भेंट किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में पीएससी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी ग्रंथालय में पुस्तकों की व्यवस्था वे करेंगे। आमसभा के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक राय ने प्रथम तल में स्थित ग्रंथालय में आयोजित बैठक में शामिल होने के लिए वृद्ध अधिवक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इसके समाधान हेतु ग्रंथालय को भूतल पर तथा अधिवक्ताओं के बैठने की व्यवस्था प्रथम तल पर किए जाने की बात कही। इस व्यवस्था पर अधिकांश अधिवक्ताओं ने अपनी सहमति जताई।
न्यायालय भवन आज 31 साल का हुआ
20 मार्च 1995 निर्मित नए जिला न्यायालय भवन में कामकाज शुरु हुए 31 साल पूरे हो जाएंगे। 20 मार्च 1995 को आज ही के दिन अविभाजित मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस यूएल भट्ट ने इसका लोकापर्ण किया था।



