जगदलपुर

बस्तरवासियों के स्वास्थ्य को निजी हाथों में सौंपकर मुकदर्शक बनी भाजपा सरकार : जावेद खान

जगदलपुर/बस्तर न्यूज

युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान ने कांटिनेंटल संस्थान द्वारा बस्तर संभाग के एक मात्र बहुप्रतीक्षित सूपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को अव्यवस्था और विशेषज्ञ रहित आरंभ करने की तैयारी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से राज्य सरकार को इस पर हस्तक्षेप करने की मांग की है। प्रदेश के प्रमुख समाचार पत्रों के माध्यम से यह जानकारी निकल कर सामने आई है कि कांटिनेंटल जो कि एक निजी संस्थान है, जिसे राज्य सरकार ने बस्तर के एक मात्र बहुप्रतीक्षित सूपर स्पेशलिटी अस्पताल के सफल संचालन की जिम्मेदारी सौंपी है, जो अपने शुरुआती दौर में ही बस्तर की जनता सहित राज्य सरकार को छलने का कार्य शुरू कर दी है। जहां सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण का एक मात्र मकसद राज्य सरकार और एनएमडीसी का यह रहा है कि एक छत के नीचे बस्तर सहित सीमावर्ती राज्यों के मरीजों को हृदय रोग, किडनी, कैंसर, न्यूरो, गैस्ट्रो सहित गंभीर एवं जटिल बिमारियों का सफल उपचार मिले। बस्तर के ग्रामीणों को बड़े शहरों का चक्कर नहीं काटना पड़े और भविष्य में सूपर स्पेशलिटी अस्पताल बस्तर की स्वास्थ्य सेवाओं में मील का पत्थर साबित हो, परंतु छपी खबरों के मुताबिक कांटिनेंटल के द्वारा सूपर स्पेशलिटी अस्पताल को भी रिफर सेंटर बना कर छोड़ने की तैयारी की जा रही है। जो व्यथित और चिंतित करने वाली बात हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता जावेद खान ने दैनिक अखबार का हवाला देते हुए कहा है कि जो निजी संस्थान सूपर स्पेशलिटी अस्पताल के आरंभ में विशेषज्ञ डाॅक्टरों की भर्ती नहीं कर पा रही है। और मात्र न्यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी की ओपीडी के साथ सूपर स्पेशलिटी अस्पताल का शुभारंभ करने की तैयारी कर रही है। उस संस्थान से किसी भी तरह की उम्मीद लगाना बेवकूफी होगी, जहां एक तरफ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आस लगाए बैठे बस्तरवासियों के साथ कांटिनेंटल कुठाराघात कर रही है। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार के साथ वादाखिलाफी भी कर रही है।

भाजपा को निजीकरण का जनक बताते हुए जावेद खान ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार, स्वास्थ्य मंत्री, बस्तर सांसद, जगदलपुर विधायक सहित महापौर को भी आड़े हाथों लेते हुए पूछा है कि उनके नाक के नीचे एक निजी संस्थान शासकीय पैसों से बने बस्तर की उम्मीदों के अस्पताल के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ करने की तैयारी कर रही है और वे सारे मुकदर्शक बने बैठे हैं। आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है कि जनप्रतिनिधि जनता को छोड़ निजी कंपनी की मनमानी को मौन समर्थन देकर प्रोत्साहित कर रहे हैं। जिम्मेदार जन प्रतिनिधियों से अखबारों में छपी खबरों को तत्काल संज्ञान में लेते हुए कांटिनेंटल संस्थान से जवाब-तलब करने की मांग की है और संतोषजनक जवाब नहीं देने और संपूर्ण सुविधाओं तथा सभी विभागों के विशेषज्ञ डाॅक्टरों के साथ अस्पताल का शुभारंभ करने की असमर्थता जताती है, तो कांटिनेंटल के साथ सारे अनुबंध समाप्त कर सूपर स्पेशलिटी अस्पताल के संचालन को छीनने तथा ब्लेक लिस्टेड करने की मांग की है।

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