सुकमा/बस्तर न्यूज
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर लगातार सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के बीच नक्सली खौफ में जी रहे हैं। उनको सुरक्षित ठिकाना अब नसीब नहीं हो पा रहा है, इसका खुलासा नक्सलियों के एक पत्र से हुआ है। जिसमें नक्सली लीडर ने अपनी कमांडर को एक पत्र लिखकर कहा है कि अब हमारे लिए कोई भी ठिकाना सुरक्षित नहीं है।
नक्सलियों में खौफ का माहौल
दरअसल केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलियों के खात्में का ऐलान किया है। इसी डेड लाइन के बाद प्रदेश के नक्सल इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। गरियाबंद से लेकर अबूझमाड़ और बस्तर के जंगलों में सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। साल भर के अंदर ही 300 से ज्यादा नक्सली ढेर हुए हैं। जबकि कई नक्सलियों की गिरफ्तारी और सरेंडर हुआ है।
पत्र में इन बातों का हुआ जिक्र
इस बीच बीजापुर एनकाउंटर वाली जगह पर नक्सलियों का पत्र मिला है। गोंडी भाषा में लिखे गए 2 पन्नों के इस पत्र में कई बातों का जिक्र है। ये पत्र नक्सली लीडर मोटू ने महिला नक्सली कमांडर मनकी के नाम लिखा है। सुरक्षित तरीके से कहीं भी ठहर पाने को नक्सलियों ने मुश्किल बताया। हाल ही में हुई मुठभेड़ वाली जगह एंड्री के अलावा बोडका, गमपुर, डोडी तुमनार और तोड़का के जंगलों को भी असुरक्षित बताया है। पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि फोर्स के बढ़ते दबाव के बीच साथी नक्सली दहशत में जी रहे हैं।
संकलन : राहुल राजपूत, दोरनापाल