जगदलपुर

डॉक्टरों ने लगाया बीएमओ पर प्रताड़ना का आरोप, कलेक्टर से की शिकायत

जगदलपुर/बस्तर न्यूज

खण्ड चिकित्सा अधिकारी बकावण्ड विकासखण्ड द्वारा गाली गलौच एवं दुर्व्यवहार करने का डॉक्टरों ने आरोप लगाते हुए सीएमएचओ के साथ बस्तर कलेक्टर से शिकायत की गई है।सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बकावण्ड में पदस्थ चिकित्सको का आरोप है कि पिछले डेढ़ वर्ष से अमर्यादित एवं अपमानजनक व्यवहार करने के साथ ही अपशब्द एवं गाली-गलौच कर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। अनुचित व्यवहार का विरोध करने पर हमारी उपस्थिति पंजी में अनुपस्थिति दर्ज करने, वेतन रोकने, गोपनीय चरित्रावली (सीआर) खराब करने और अन्य अनुचित कार्यवाही करने की धमकी दी है।डॉक्टरों ने जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

कलेक्टर से की शिकायत पत्र में बकावण्ड में पदस्थ चिकित्सको ने लिखा है कि हम समस्त चिकित्सक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बकावण्ड में चिकित्सा विशेषज्ञ एवं चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं, हमारे द्वारा नियमित रूप एवं निःस्वार्थ भाव से जन सामान्य के स्वास्थ्य हित में अपनी सेवाएं दी जा रही है। लेकिन खेद का विषय है कि खण्ड चिकित्सा अधिकारी सीएचसी बकावण्ड हरीश मरकाम द्वारा हम समस्त चिकित्सकगण के साथ लगातार पिछले डेढ़ वर्ष से दुर्व्यवहार किया जा रहा है। पत्र में बताया गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बकावण्ड में डॉ. दीप्ति दीवान डेन्टल सर्जन के पद पर पदस्थ है जो कि नियमित रूप से ओपीडी में आने वाले मरीजों को अपनी सेवा प्रदान कर रही है। अस्पताल में कुल चार ओपीडी कक्ष हैं। परन्तु बीएमओ डॉ. मरकाम द्वारा केवल डॉ. दीप्ति दीवान के बैठे जाने वाले ओपीडी में सीसी टीवी कैमरा लगाया गया है। चूंकि अस्पताल में महिला मरीज भी स्वास्थ्य लाभ लेने आते हैं जिनकी आवश्यकता पड़ने पर परीक्षण करने की आवश्यकता होती है, ऐसे में ओपीडी कक्ष में सीसी टीवी लगे होने के कारण महिला मरीजों के तत्कालीन समय में परीक्षण करने में असुविधा होती है। केवल महिला चिकित्सक के ओपीडी में सीसी टीवी लगाया जाने का कार्य भेदभाव पूर्ण है।

सीएमएचओ के आदेश को भी मानने से इंकार

अस्पताल में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. गजेन्द्र सेठिया ने लिखा है कि 10 दिसम्बर 2024 से 30 दिसम्बर 2024 तक अर्जित अवकाश हेतु आवेदन जमा किये थे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बस्तर के द्वारा अवकाश स्वीकृत हो चुका था। उक्त समयावधि के दौरान अस्पताल के अन्य डॉक्टर किसी प्रकार की छुट्टी में नहीं थे, परन्तु बीएमओ मरकाम द्वारा डॉ. गजेन्द्र सेठिया को 11 दिसम्बर 2024 के रात को मोबाईल के माध्यम से तुरन्त ही कार्यस्थल बकावण्ड पहुंचकर 13 दिसम्बर 2024 की नियमित ड्यूटी करने हेतु आदेशित किया गया। डॉ. गजेन्द्र सेठिया द्वारा डॉ. मरकाम को पारिवारिक कारण से राज्य ओड़िसा में होने की जानकारी देते हुए कार्य पर उपस्थित होने में असमर्थता जतायी गई फिर भी बीएमओ ने मानसिक दबाव डालकर अवकाश स्थल से वापस बुलाकर 13 दिसम्बर को रात्रिकालीन ड्यूटी करवाया गया।

बीमार डॉक्टर को दबाव डालकर ड्यूटी कराया

डॉ. सूर्या गुप्ता सीएचसी बकावण्ड में चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। डॉ गुप्ता का आरोप है कि 26 दिसम्बर 2024 को डायरिया एवं उल्टी होने के कारण दो दिवस के आकस्मिक अवकाश हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। डॉ. मरकाम द्वारा आवेदन निरस्त करते हुए ड्यूटी करने का आदेश दिया गया। जिससे मेरे द्वारा शारीरिक परेशानी होने के बाद भी ड्यूटी किया गया, ऐसे में जब हम चिकित्सक जनता के स्वास्थ्य हित में निरंतर ड्यूटी कर रहे हैं तब स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की जानकारी के बाद भी स्वयं के स्वास्थ्य का लाभ हेतु अवकाश पर निरस्त होना शारीरिक के साथ-साथ मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *