संबलपुर/बस्तर न्यूज
भारतीय प्रबंधन संस्थान, संबलपुर ओडिशा के 9वें वार्षिक दीक्षांत समारोह के दौरान स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए डॉ. पी. के. मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अमृत काल के भव्य दृष्टिकोण से हमने प्रेरणा ली। प्रधानमंत्री चाहते हैं कि हम सभी सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन की प्रक्रिया के माध्यम से देश को अगले स्तर पर ले जाएं। इस प्रयास में हम सभी यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि भारत 2047 तक एक विकसित देश बन जाए।
‘‘वर्तमान भू-राजनीतिक और आर्थिक संदर्भ में अवसर और चुनौतियां’’ विषय पर संबोधित करते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि हम एक दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण समय में रह रहे हैं। क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान, संरक्षणवादी नीतियों, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और बदलते वैश्विक व्यापार पैटर्न सहित जटिल चुनौतियों का सामना कर रही है।
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने कहा कि भारतीय प्रबंधन संस्थान को अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ साथ इसके डिजाइन में समकालीन संबलपुरी कला का उपयोग करके बनाया गया है। आईआईएम संबलपुर ने अपने मूल मूल्यों, नवाचार, अखंडता और समावेशिता के साथ प्रबंधन शिक्षा में उत्कृष्टता की प्रतिष्ठा अर्जित की है, जैसा कि उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री ने 2021 में इसकी आधारशिला रखी और साथ ही फरवरी 2024 में परिसर का उद्घाटन भी किया। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिमी ओडिशा के मास्टर बुनकरों के लिए डिजाइन किए गए उद्यमिता विकास कार्यक्रम को शुरू करने के लिए आईआईएम संबलपुर की प्रशंसा की। डॉ. मिश्रा ने कहा कि आईआईएम संबलपुर में न केवल विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा है, बल्कि यह एक ऐसे क्षेत्र में स्थित है, जो हमारे देश के इतिहास और विरासत में बसा हुआ है।
विदित है कि क्षेत्र की पीठासीन देवी, मां समलेश्वरी और वीर सुरेंद्र साईं की भूमि है, जिन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से पूर्व औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।
