जगदलपुर/बस्तर न्यूज
आज कांग्रेस भवन में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रवार्ता को संबोधित करते हुए कहा विगत दिनों बस्तर विधानसभा के धान संग्रहण केंद्रों ग्राम नियानार और ग्राम बिरिंगपाल व आज शिवनी धान संग्रहण केंद्र का जिला प्रभारी शकील रिज़वी, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य व धान खरीदी केंद्र जांच समिति के संयोजक उमाशंकर शुक्ला व जांच समिति के सदस्यों के साथ रूप से निरीक्षण किया गया। नियानार में 1लाख 46 हजार क्विंटल धान पूरी तरह से खराब हो गया है, वहीं बिरिंगपाल में भी लगभग 75000 हजार क्विंटल धान पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है। इस सरकार की धान खरीदी पर मंशा शुरू से ही गंभीर नहीं रही है इतना ही नहीं पिछले दो साल का धान लगभग 1.40 लाख क्विंटल धान पानी में बर्बाद होकर पूरी तरह से खराब हो गया।वही शिवनी में 1 लाख क्विंटल से अधिक धान खराब हो गया है निरीक्षण के दौरान वहां का प्रभारी ही धान संग्रहण केंद्र से भाग गया कोई जवाब देने वाला नहीं है। खराब धान के ऊपर में अच्छे धान को डाल दिया गया है, ताकि किसी को यह न लगे कि यहां धान खराब हुआ है। जब धान को थोड़ा निकाल कर देखा गया तो पूरा धान ही खराब निकला सड़ा हुआ निकला। ये कितना बड़ा भ्रष्टाचार है भाजपा सरकार में इसीलिए कहा का जा रहा है, कि यह धान नहीं भाजपा सरकार का सिस्टम ही सड़ा हुआ है। इसके साथ ही लोकल राईस मिलरो को धान नहीं बल्कि बाहरी मिलरो को धान दिया जा रहा है कुल मिलाकर 3 लाख 50 हजार धान खराब हो गया है शासन प्रशासन नए बोरो को लाकर उसमें खराब धानों को भरकर राईस मिलरो को डरा धमका कर बेचा जा रहा है और जो धान को खराब होने बाहर खुला रखा गया है। कुल मिलाकर भारी भ्रष्टाचार हुआ है बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है और यही हाल पूरे प्रदेश में है इसका वास्तविक भौतिक सत्यापन होना चाहिए। साथ कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करती हैं, कि इसका जांच ED और CBI को करनी चाहिए ताकि दोषियों को बेनकाब कर कड़ी कार्रवाई की जा सक।
दीपक बैज ने कहा पिछले वर्ष के धान का निराकरण सरकार नहीं कर पाई है। धान संग्रहण केन्द्रों में पड़े पड़े सड़ रहे है. भीग गया, चूहे खा रहे, दीमक लग कर खराब हो गया। प्रदेश के अनेको संग्रहण केन्द्रों में सड़े हुये धान का भंडारण दिख जायेगा। धान के खराब होने और सड़ने के नाम पर पूरे प्रदेश में सुनियोजित भ्रष्टाचार किया जा रहा है। पूरे प्रदेश में 25 लाख 93 हजार 880 विंवटल भान की मिलिंग ही नहीं करवाई गई है। उक्त धान में से 4 लाख 16 हजार 410 क्विटल धान विभिन्न खरीदी केंद्रों में शेष बताया गया है तथा शेष 21 लाख 77 हजार 470 क्विटल धान राज्य सहकारी विपणन संघ के विभिन्न संग्रहण केंद्रों में शेष बताया जा रहा था। अब षडयंत्र पूर्वक धीरे धीरे नष्ट होना बता रहे।सरकार की लापरवाही के चलते बस्तर के विभिन्न धान संग्रहण केन्द्रों में 3 लाख क्विंटल से अधिक धान सढ़ गया है। यह केवल लापरवाही या चूक नहीं बल्कि सत्ता के संरक्षण में किया जाने वाला अपराध है।
बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड के नियानार और बिरंगपाल घान संग्रहण केन्द्र में प्रशासन की लापरवाही साफ दिख रही है। धान सह चूका है जिसे उडिसा से हमाल बुलाकर ठिकाना लगाया जा रहा है। पूरे प्रदेश में हजारों करोड़ का भ्रष्टाचार यह सरकार धान खरीदी में कर रही है।यह सिर्फ लापरवाही नहीं, यह भाजपा सरकार के निकम्मेपन, भ्रष्ट व्यवस्था और संवेदनहीन शासन की खुली मिसाल है।धान किसानों की मेहनत का फल है, लेकिन प्रदेश में भाजपा सरकार के लिए यह सिर्फ सड़ने वाला स्टॉक बनकर रह गया है।जब किसान खून-पसीना बहाकर धान उगाता है। जब गरीब जनता अनाज के लिए संघर्ष करती है, तब बस्तर के सरकारी गोदाम में रखा गया धान सड़कर बर्बाद हो जाता है यह सरकार सोती रहती है। समर्थन मूल्य में उपार्जित धान की सुरक्षा और रखरखाव का उत्तरदायित्व राज्य सरकार का होता है. राज्य गठन के बाद से आज तक इतनी अव्यवस्था और बदइंतजामी कभी नहीं रही जो इस सरकार की दुर्भावना, उपेक्षा और भ्रष्टाचार से एक हजार 37 करोड़ 55 लाख का नुकसान एक ही साल की खरीदी में हो चुका है। रोज रोज नए नए मामले लगातार उजागर हो रहे है।हाल ही में कबीरधाम जिले में चारभाठा और बघर्रा संग्रहण केंद में 7 करोड़ के 26 हजार क्विटल धान गायब होने का मामला सामने आया था। महासमुंद जिले में वर्ष 2014-25 में उपार्जित धान में से 81620 क्विटल धान सुखत और नुकसान लिखकर खत्म कर दिया गया, अपने भ्रष्टाचार को छुपाने सुखती, पक्षी, दीमक से खराब होना बताया जा रहा है। जशपुर जिले में 6 करोड़ 55 लाख की अनियमितता उजागर हुयी है। रिकार्ड में 20588 क्विंटल धान गायब है।भाजपा की सरकार ने अपने भ्रष्टाचार को अंजाम देने के लिए ही दुर्भाबना पूर्वक पूर्ववतीं कांग्रेस के सरकार के द्वारा बनाये गये 72 घंटे के भीतर उठाय, शीघ्र परिवहन और मिलिग के नियम को बदला है।पूरे प्रदेश में धान उपार्जन में हो रहे भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए यह सरकार सोसाइटियों में चुनाव नहीं करा रही है और संधी भाजपाईयो को भार साधक अधिकारी बना कर घोटालों को अंजाम दे रही है। पूरे भ्रष्टाचार में सरकार में बैठे लोगों की हिस्सेदारी है इसलिए यह सरकार न एफआईआर करवा रही है और न ही किसी से रिकवरी हो रही है। अब सरकार इसकी जिम्मेदारी लेगी या फिर से चूहे को कठघरे में खड़ा करेगी?
प्रेसवार्ता में शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य, ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, उमाशंकर शुक्ला, वीरेंद्र परिहार, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, गौरनाथ नाग, कविता साहू, महामंत्री अभिषेक नायडू, जाहिद हुसैन, अल्ताफ उल्ला खान, ब्लॉक अध्यक्ष बलराम यादव, सूर्यापानी, संतोष सेठिया, भोजराज नाग, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, चम्पा ठाकुर, युवा कांग्रेस शहर अध्यक्ष निकेत राज झा, ग्रामीण अध्यक्ष अभिषेक डेविड, सहदेव नाग, सुषमा सुता, विजेंद्र ठाकुर, अनुराग महतो, रियाज खान, असीम सुता, नीतीश शर्मा, शादाब अहमद, अनस खान, एस नीला, सोनारू नाग, वैभव नेताम, हेमंत पांडे, रजत जोशी, मोहसिन खान, पूर्णिमा, पिंकी, खीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।




