जगदलपुर/बस्तर न्यूज
सनातन संस्कृति से जुड़ाव और धर्म के प्रति आस्था के साथ श्री राधा रमण भागवत समिति की महिलाओं ने पिछले 17 वर्षों से प्रतिवर्ष श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करती आ रही है, जो एक अनुकरणीय पहल की है। समिति इस आयोजन के माध्यम से अपने 18वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। समिति का मानना है कि नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने के लिए उन्हें भारतीय संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि युवा केवल मोबाइल और डिजिटल दुनिया तक सीमित न रह जाएं। श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से युवा वर्ग को धर्म, संस्कार और संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ महिला शक्ति को जागृत करने का उद्देश्य रखा गया है। हर वर्ष कथा में किसी न किसी नए सामाजिक या सांस्कृतिक विषय को शामिल कर जागरूकता फैलाई जाती है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कथा को छत्तीसगढ़ महतारी को समर्पित किया गया है।
उक्त जानकारी आज प्रेस वार्ता में श्री राधा रमण भागवत समिति की अध्यक्ष सरिता यादव ने दी। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 23 दिसंबर से 30 दिसंबर तक सिरहासार भवन में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। कथाव्यास के रूप में आचार्य अभिषेक पाठक कथा वाचन करेंगे। कथा प्रतिदिन अपरान्ह 3 बजे से शाम 7 बजे तक होगी। कथा प्रसंगों के अनुरूप जीवंत झांकियों का भी आयोजन किया जाएगा। समिति से बड़ी संख्या में युवा वर्ग जुड़ रहा है, जो संस्कार निर्माण की दिशा में सकारात्मक संकेत है। पत्रकार वार्ता के दौरान दुर्गा यादव, सारिका यादव, प्रीति तिवारी, दयाराम उमरवैश्य, अनिल अग्रवाल, प्रमोद यादव सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
शोभायात्रा में दिखेगी छग महतारी की झांकी
समिति अध्यक्ष सरिता यादव ने बताया कि 23 दिसंबर को दोपहर 12 बजे दंतेश्वरी मंदिर के सामने से कलश शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा गोल बाजार, मेन रोड, स्टेट बैंक रोड, चांदनी चौक और संजय बाजार होते हुए कथा स्थल टाउन क्लब पहुंचेगी। शोभायात्रा में छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ महतारी की जीवंत झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। श्री राधा रमण भागवत समिति द्वारा हर वर्ष 23 से 30 दिसंबर तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी नियत तिथि पर आयोजन होगा। कथा व्यास के रूप में बस्तर संभाग के पहले कथा वाचक आचार्य अभिषेक पाठक कथा का वाचन करेंगे।



