दंतेवाड़ा। जिले के अंदरूनी और सुदूर गांवों से निकलकर तीन युवाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत संकल्प को नहीं रोक सकतीं। कुआकोंडा विकासखंड के गांव श्यामगिरी के उमेश नेताम, गीदम विकासखंड के गांव गुटोली के आनंद कुमार कश्यप और दंतेवाड़ा विकासखंड के मसेनार गांव से ताल्लुक रखने वाले संतुराम अतरा ने अग्निवीर योजना के अंतर्गत सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण किया है और इस कठिन प्रशिक्षण के बाद आनंद ‘‘जम्मू कश्मीर राज्य के बारी” उमेश उत्तराखंड के देहरादून तथा संतुराम अतरा राजस्थान के जैसलमेर में अपनी पोस्टिंग ज्वाइन करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इस सफलता के पीछे जिला प्रशासन का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। प्रशासन द्वारा इन युवाओं को आवेदन प्रक्रिया में सहायता, परीक्षा फॉर्म भरवाने से लेकर लिखित परीक्षा की तैयारी हेतु टेस्ट सीरीज उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए नियमित फिटनेस ट्रेनिंग की व्यवस्था भी की गई, ताकि वे हर स्तर पर स्वयं को सक्षम बना सकें। चयन प्रक्रिया के दौरान इन युवाओं के लिए परिवहन की सुविधा भी जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई थी। बहरहाल जिले के संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण हालातों के मद्देनजर सीमित सुविधाओं में पले बढ़े इन युवाओं ने छोटे गांवों में रहकर भी बड़े सपने देखे और उन्हें साकार कर दिखाया।
अपने अनुभव साझा करते हुए आनंद, उमेश, संतुराम का कहना है कि जिला प्रशासन, प्रशिक्षकों और परिवार के सहयोग से उनका आत्मविश्वास बढ़ा और वे लक्ष्य तक पहुंच सके। तीनों अग्नि वीरों ने जिले के अन्य युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन, निरंतर मेहनत और देशसेवा की भावना के साथ हर युवा आगे बढ़ सकता है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवारों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे दंतेवाड़ा जिले के लिए एक प्रेरक उदाहरण है। आज दंतेवाड़ा का युवा बदलाव की पहचान बन रहा है। जहां कभी भय और असुरक्षा की छवि थी, वहीं अब देश की वर्दी पहनकर राष्ट्र की रक्षा करने वाले युवा नई तस्वीर गढ़ रहे हैं। जिला प्रशासन के सहयोग और युवाओं के संकल्प से दंतेवाड़ा निरंतर प्रगति और सकारात्मक बदलाव की राह पर अग्रसर है।



