दंतेवाड़ा, 13 अप्रैल (बस्तर न्यूज)
औद्योगिक उत्कृष्टता के साथ सामाजिक सरोकारों को आत्मसात करते हुए आर्सेलर मित्तल निप्पन स्टील इंडिया ने दंतेवाड़ा जिले के विभिन्न अंचलों में विकास और सेवा की एक नई नींव रखी है। कंपनी ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत न केवल अधोसंरचना को मजबूती प्रदान की है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, खेल प्रतिभाओं और महिला स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर भी जमीनी स्तर पर ठोस कार्य किए हैं। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए टिकनपाल ग्राम पंचायत के किसानों को पाइप वितरित किए गए, ताकि खेतों के अंतिम छोर तक सिंचाई की सुविधा निर्बाध रूप से पहुँच सके और रबी व खरीफ की फसलों का बेहतर उत्पादन सुनिश्चित हो सके। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए आर्सेलर मित्तल निप्पन स्टील इंडिया ने किरंदुल बस्ती के नरियापारा में वर्षों से खराब पड़े हैंडपंपों का त्वरित सुधार कार्य कराया, जिससे स्थानीय बस्तीवासियों को बड़ी राहत मिली है। जल संकट के स्थायी समाधान हेतु कंपनी की तकनीकी टीम ने मड़कामीरास, किरंदुल और कोडेनार गांवों में वैज्ञानिक पद्धति से भूजल स्तर का सूक्ष्म परीक्षण किया है। इस सर्वे के आधार पर भविष्य में नए बोरवेल स्थापना के लिए उपयुक्त स्थलों का चयन कर लिया गया है, जिससे आने वाले समय में इन क्षेत्रों में पानी की किल्लत पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कंपनी ने गोंगपाल ग्राम पंचायत में भव्य टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन कराया। इस खेल महाकुंभ में बस्तर अंचल की कुल 32 टीमों ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जहाँ विजेताओं को पुरस्कृत कर उनका मनोबल बढ़ाया गया। इसी प्रकार, भाषाई और सांस्कृतिक एकता का परिचय देते हुए किरंदुल में ‘उत्कल दिवस’ के गौरवमयी आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाई गई, जिसने स्थानीय समुदाय के बीच आपसी सद्भाव को और प्रगाढ़ किया है। विशेष रूप से, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में आर्सेलर मित्तल निप्पन स्टील इंडिया द्वारा चलाया जा रहा ‘मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन’ अभियान एक विस्तृत रूप ले चुका है।
उल्लेखनीय है कि कंपनी द्वारा प्रत्येक सप्ताह नियमित रूप से आंगनबाड़ियों के माध्यम से किशोरियों और महिलाओं को जागरूक करने का यह विशेष सत्र आयोजित किया जाता है। इस साप्ताहिक अभियान के तहत न केवल वैज्ञानिक जानकारी दी जाती है, बल्कि फील्ड टीम द्वारा प्रत्यक्ष संपर्क कर उच्च गुणवत्ता वाले सैनिटरी पैड्स का निःशुल्क वितरण भी किया जाता है। माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और स्वच्छता के प्रति प्रेरित करने का यह निरंतर प्रयास क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। साथ ही कुआकोंडा ब्लॉक के हितावर और पोटाकेबिन पालनार के 176 बच्चों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। कंपनी ने अपनी सीएसआर पहल के तहत स्वावलंबन की नई मिशाल पेश करते हुए किरंदुल के महिला संगठन को सिलाई मशीनें भेंट कीं। एसकेएमएस प्रतिनिधियों और आर्सेलर मित्तल निप्पन स्टील इंडिया के अधिकारियों की गरिमामयी मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यह कदम न केवल महिलाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि उनके आत्मनिर्भर बनने के सपने को भी साकार करेगा।


