जगदलपुर। बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और युवाओं को कला के क्षेत्र में दक्ष बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर आकाश छिकारा ने आसना स्थित बस्तर एकेडमी ऑफ डांस, आर्ट, लिटरेचर एंड लैंग्वेज एकेडमी का गहन अवलोकन किया। इस भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने एकेडमी परिसर में संचालित हो रही विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का जायजा लिया और वहां मौजूद कला साधकों से सीधा संवाद स्थापित किया। कलेक्टर के इस भ्रमण का विशेष अवसर भित्तिचित्र कार्यशाला का समापन रहा, जहां उन्होंने प्रदेश भर से आए 50 प्रतिभागियों से मुलाकात की। इन प्रतिभागियों ने कार्यशाला के दौरान भित्तिचित्र कला का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया था।

कलाकारों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की सराहना करते हुए कलेक्टर ने कहा कि प्रदेश की पारंपरिक कलाओं को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत करना समय की मांग है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कलाकारों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उनके कौशल की प्रशंसा की। कलेक्टर ने भित्तिचित्र के साथ-साथ एकेडमी में चल रहे गोदना कला के प्रशिक्षण सत्र का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने गोदना शिल्प के प्रशिक्षुओं से बातचीत कर उनके अनुभव जाने और इस पारंपरिक विधा को जीवंत बनाए रखने के प्रयासों पर चर्चा की। कलेक्टर ने एकेडमी के अधिकारियों के साथ भविष्य की रूपरेखा पर विमर्श करते हुए संस्थान की गतिविधियों को और अधिक व्यापक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एकेडमी को बस्तर की कला, गीत-संगीत, साहित्य और भाषा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए नई योजनाओं को जोड़ा जाएगा, ताकि स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर मंच और अवसर प्राप्त हो सके।



