जगदलपुर। बस्तर में हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे लोगों के जीवन में अब उम्मीद की नई किरण दिखाई देने लगी है। इसी बदलाव का साक्षी बनने और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए कलेक्टर आकाश छिकारा ने आड़ावाल स्थित नुवा बाट पहुँचे। जिला प्रशासन का यह दौरा केवल एक औपचारिक निरीक्षण नहीं था, बल्कि उन 28 आत्मसमर्पित माओवादियों के प्रति शासन की संवेदनशीलता का प्रतीक था, जो अब जंगलों की भटकन छोड़कर कौशल विकास के जरिए अपना भविष्य गढ़ रहे हैं।

कलेक्टर ने बारीकी से यह जाना कि उनकी ट्रेनिंग किस स्तर पर चल रही है और क्या उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना तो नहीं करना पड़ रहा। इस दौरान प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर रहा कि मुख्यधारा में लौटे ये लोग न केवल हुनरमंद बनें, बल्कि स्वाभिमान के साथ अपना जीवन भी व्यतीत करें। बंदूक छोड़कर हाथों में औजार थामने वाले इन युवाओं का उत्साह और प्रशासन की यह पहल बस्तर में शांति और विकास की एक नई इबारत लिख रही है।




