जगदलपुर

जनता से जुर्माना वसूलना ही महापौर का मुख्य उद्देश्य : राजेश चौधरी

जगदलपुर/बस्तर न्यूज

नगर पालिक निगम के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि महापौर एक तरफ स्वच्छता का राग़ अलापते हैं, वहीं दूसरी ओर वे स्वयं की जिम्मेदारी ना निभा कर आम नागरिकों के ऊपर जबरिया जुर्माना का बोझ डाल रहे हैं। महापौर को लगता है स्वच्छता मात्र दलपत सागर की सफाई करना है। जबकि शहर के सभी वार्डों की सफाई व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमरा चुकी है किसी भी कार्य की मॉनिटरिंग बिल्कुल नहीं हो रही है जिस वजह से सफाई व्यवस्था दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है नालियों की सफाई करने के लिए जेसीबी का वितरण में राजनीतिक भेदभाव स्पष्ट नजर आ रहा है। स्वच्छता मात्र फोटो खींचना बन कर रह गया है नियम के तहत कचरा गाड़ियों में जब कचरा उठाकर उसे डंपिंग यार्ड तक ले जाया जाता है, तो वह गाड़ी तिरपाल से ढकी हुई होनी चाहिए। परंतु लगातार देखने को मिल रहा है कि कचरा ले जाते वक्त गाड़ियां ढकी हुई नहीं रहती है बदबू से सारे सड़क में चलने वाले वह आसपास के रहने वाले परेशान रहते हैं। और खुली गाड़ी होने के कारण रास्ते में भी कचरा गिराते हुए जाते हैं जिसकी सफाई पुनः नहीं की जाती है। इस प्रकार से फुटपाथ में लगाए जाने वाले ठेलो और दुकानों से रात्रि कालीन कचरा कलेक्शन का कार्य बंद है उसके एवज में निगम प्रशासन उन ठेलो और दुकानों के संचालकों से जुर्माना वसूलना ही स्वच्छता समझ लिए हैं।

महापौर संजय पांडे लगातार मीडिया के माध्यम से शहर वासियों को स्वच्छता हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है, कहकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास करते हैं। परंतु महापौर स्वयं की जिम्मेदारी निभाने में पूर्ण रूप से विफल हो चुके हैं। महापौर और उनकी टीम के पास ना कोई कार्यशैली है ना ही कार्य करने के लिए वाहनों का रूट चार्ट उनके द्वारा बनाया गया है। कुल मिलाकर जगदलपुर नगर निगम की सफाई व्यवस्था राम भरोसे चल रही है महापौर को स्वच्छता पर बड़ी-बड़ी बातें करके जनता को भ्रमित करना बंद करना चाहिए।

निगम प्रशासन का ध्यान सिर्फ स्वच्छता के नाम पर जुर्माना वसूली में ही व्यस्त है। जिन ठेलो और दुकानदारों से जुर्माना लिया गया। उन्हें रात्रि कालीन कचरा कलेक्शन का लाभ देना भी निगम की जिम्मेदारी है।

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