दंतेवाड़ा। प्रधानमंत्री धन धान्य योजना एवं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का लाभ पाकर ग्राम मड़से की श्रीमती बोडो कश्यप आज महिला स्वावलंबन की प्रेरक उदाहरण बन चुकी हैं। उन्होंने अपनी मात्र 0.10 हेक्टेयर भूमि पर पॉन्ड लाइनर तकनीक अपनाकर खेती के साथ मत्स्य पालन को जोड़ते हुए आय के नए अवसर तैयार किए। विभागीय विशेषज्ञों एवं फील्ड अधिकारियों के मार्गदर्शन में उनके खेत में आधुनिक पॉन्ड लाइनर निर्माण किया गया, जिससे पानी लंबे समय तक सुरक्षित रहा और मछलियों की वृद्धि अधिक तेज हुई। इस तकनीक का प्रत्यक्ष लाभ यह मिला कि उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई और उनकी वार्षिक आमदनी लगभग 2 लाख रुपये तक पहुँच गई। बोडो कश्यप को विभाग द्वारा मत्स्याखेट उपकरण, आइस बॉक्स एवं अंगुलिका संचयन जैसी सुविधाएँ भी प्राप्त हुईं, जिससे उनका उद्यम और मजबूत हुआ। आज उनकी मेहनत, नवाचार और सरकारी योजनाओं के बेहतर उपयोग ने उन्हें जिले की अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए एक प्रेरक मार्गदर्शक बना दिया है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि सही दिशा, तकनीक और संकल्प हो तो छोटे संसाधन भी बड़ी आर्थिक प्रगति का मार्ग खोल सकते हैं।



