हैदराबाद/बस्तर न्यूज
भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक एनएमडीसी ने अपने संचालन के 68 साल में प्रवेश करते हुए अपना स्थापना दिवस बड़े गर्व के साथ मनाया। इस अवसर पर सम्पूर्ण कंपनी में उत्कृष्ट योगदान करने के लिए संगठन के सर्वोच्च सम्मानजनक अवॉर्ड, सीएमडी उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए गए। एनएमडीसी की 1958 में स्थापित एकल-इकाई संचालन से लेकर भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक और खनन क्षेत्र में वैश्विक-स्तर की पहचान बनाने की उल्लेखनीय यात्रा को याद किया गया।
एनएमडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी, वरिष्ठ नेतृत्व विश्वनाथ सुरेश, निदेशक (वाणिज्य), विनय कुमार, निदेशक (तकनीकी), जयदीप दासगुप्ता, निदेशक (उत्पादन), श्रीमती प्रियदर्शिनी, निदेशक (कार्मिक), स्वतंत्र निदेशक और पूर्व निदेशक तथा वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारीगण भी उपस्थित थे। सीएमडी उत्कृष्टता पुरस्कार अनेक श्रेणियों में प्रदान किए गए, जिनमें खनिज रत्न (व्यक्तिगत और समूह), एनएमडीसी रत्न (व्यक्तिगत और समूह), सर्वश्रेष्ठ विभाग उत्पादन एवं बिक्री के लिए सीएमडी शील्ड, सर्वश्रेष्ठ विभाग, सपोर्ट के लिए सीएमडी शील्ड और सर्वश्रेष्ठ परियोजना और सर्वश्रेष्ठ परियोजना शामिल हैं । 2023 में स्थापित ये पुरस्कार पूरे संगठन में एनएमडीसी कर्मचारियों के असाधारण प्रयासों और उपलब्धियों को मान्यता प्रदान करते हुए उनकी सराहना करता है।
अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि एनएमडीसी एक ऐसी कंपनी है, जिसका इतिहास हमसे बहुत पुराना है तथा भविष्य हमसे कहीं अधिक लंबा है। अपने परिचालन को मजबूत करने के लिए हम डिजिटल रूप से सक्षम अत्याधुनिक उपकरण ला रहे हैं । पुरस्कार विजेताओं ने हमें प्रेरित किया है और हमारे इस संकल्प की पुष्टि की है कि हमारे सामूहिक सपने पूरी तरह से साकार होंगे । हम साठ वर्ष से अधिक के भले ही हों, लेकिन हम युवा हैं, अभी भी बढ़ रहे हैं और सीख रहे हैं। हम आगे बढ़ने के साथ सीख रहे हैं और सीखते हुए आगे बढ़ रहे हैं। हम एनएमडीसी 2.0 की नींव रख रहे हैं। भविष्य में एनएमडीसी नवाचार, सुस्थिरता और परिचालन उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़-संकल्पित है।




