दंतेवाड़ा। प्रदेश के मुख्यमंत्री के मंशानुरूप जिला खनिज न्यास निधि के तहत प्रभावित इलाके के लोगों के आर्थिक उत्थान हेतु आजीविका के साधनों के विकास सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जायेगी। इसके साथ ही आवश्यकता के अनुरूप अधोसंरचना सम्बन्धी कार्यों तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण, युवा गतिविधियों तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने सहित खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं के शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिये राशि का प्रावधान किया गया है। अब जिला खनिज न्यास निधि का सदुपयोग कर जिले के समग्र विकास करने सकारात्मक पहल किया जायेगा।
उक्त बातें बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कलेक्टोरेट के सभागार में आयोजित जिला खनिज न्यास शासी परिषद की बैठक के दौरान कही।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने जिला खनिज निधि से संचालित योजनाओं और कार्यों के क्रियान्वयन पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन निधियों का उपयोग केवल जरूरतमंद क्षेत्रों और प्राथमिकताओं के अनुसार ही किया जाए। उन्होंने कहा कि डीएमएफ की राशि जनता के कल्याण हेतु है, इसलिए इसका सदुपयोग सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
जिला खनिज न्यास शासी परिषद की बैठक के दौरान कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बस्तर सांसद को आश्वस्त करते हुए कहा कि डीएमएफ निधि से होने वाले सभी कार्यों को पूरी पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ संपन्न किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक योजना की सतत निगरानी की जाएगी, ताकि जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।
जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा ने पीपीटी के माध्यम से डीएफएफ की कार्यो योजना की जानकारी विस्तार पूर्वक सांसद को अवगत कराया। इसके साथ ही डीएमएफ द्वारा संपादित कार्यों का विवरण वर्ष 2016-17, 2017-18, 2018-19, 2019-20, 2020-21, 2021-22, 2022-23, 2023-24, 2024-25 वर्ष के बारे में बताया।
बैठक के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम, शासी परिषद के सदस्यगण, जनप्रतिनिधि, एनएमडीसी अधिकारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।


