जगदलपुर। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से बीते दिनों बस्तर अंचल में हुई मूसलाधार बारिश और पड़ोसी राज्य ओडिशा के खातीगुड़ा व मुरान बांधों के फाटक खोले जाने से क्षेत्र में विकराल बाढ़ और गंभीर जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई थी। 23 से 26 सितंबर के दौरान हुई अनवरत वर्षा के चलते नदियों और नालों के उफान पर आने से दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया था और आम जनजीवन के साथ-साथ सभी सामान्य गतिविधियां पूरी तरह ठहर गई थीं। हालांकि अब बारिश थमने और नदी-नालों का जलस्तर धीरे-धीरे घटने से क्षेत्र के हालात सामान्य होने लगे हैं और ग्रामीण इलाकों में आवागमन भी बहाल होने लगा है। इस बीच, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए बस्तर जिला अधिवक्ता संघ ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए राहत का हाथ आगे बढ़ाया है। संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर बाढ़ राहत हेतु मुख्यमंत्री सहायता कोष के नाम 58,100 रुपये का चेक बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा को सौंपा। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को सहारा देना हर नागरिक और संस्था का नैतिक दायित्व है, और अधिवक्ता संघ भी जनहित के कार्यों में सदैव तत्पर रहेगा।
इस दौरान जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विक्रमादित्य झा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश कुमार झा, महिला उपाध्यक्ष सुश्री प्रीति वानखेड़े, सचिव संतोष चैधरी, सह सचिव भरत सिंह सेठिया, कोषाध्यक्ष दीनबंधु रथ, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा सचिव हेलिना मोजेस गिरिधरण, शफीक अहमद एवं ऐलपा राम पोयाम उपस्थित रहे।
