जगदलपुर। कुम्हरावंड स्थित शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा 57 वाँ स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ आरएस नेताम के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सेवा भावना, रचनात्मकता और ऊर्जा का अनूठा प्रदर्शन किया।
स्थापना दिवस की शुरुआत महाविद्यालय परिसर में आयोजित स्वच्छता अभियान से हुई। झमाझम बारिश के बावजूद स्वयंसेवकों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई और उन्होंने पूरे परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया। इसके उपरांत विद्यार्थियों ने आकर्षक रंगोली सजाकर समारोह का औपचारिक शुभारंभ किया। मंच संचालन छात्रा कृष्णा एवं राशि ने लयबद्ध और प्रभावी शैली में किया। इस दौरान साहसिक शिविर से लौटीं तृतीय वर्ष की छात्रा हेमलता टंडन ने महाविद्यालय में संचालित विभिन्न गतिविधियों का ब्योरा प्रस्तुत किया। वहीं प्रथम वर्ष के छात्र आरिफ ने ओजस्वी कविता पाठ किया, पायल एवं समूह ने प्रेरक लक्ष्य गीत प्रस्तुत किया तथा निकिता एवं समूह ने मनमोहक नृत्य के माध्यम से ‘अनेकता में एकता’ का जीवंत संदेश दिया।
मुख्य अतिथि डॉ एके ठाकुर ने 1969 में प्रारंभ हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए ‘स्वयं से पहले आप’ की भावना को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में ही सुदृढ़ व्यक्तित्व की नींव पड़ती है और एक सजग नागरिक ही विकसित राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकता है। संबोधन की कड़ी में डॉ जेएल सलाम ने विद्यार्थियों को सह-शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़कर व्यक्तित्व निखारने तथा जाति-धर्म से ऊपर उठकर मानवता के धर्म को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नीता मिश्रा ने अपने स्वागत उद्बोधन में रहीम के प्रसिद्ध दोहे का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार वृक्ष और सरोवर परोपकार करते हैं, उसी प्रकार युवाओं को भी निःस्वार्थ सेवा भाव अपनाकर एनएसएस से जुड़ना चाहिए।
