जगदलपुर। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से समूचे बस्तर संभाग में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है, जहां बुधवार रात से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। अनवरत बारिश के चलते जगदलपुर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है तथा लगातार इसकी निगरानी की जा रही है। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए संपर्क मार्गों के जलमग्न होकर बंद होने की गंभीर आशंका पैदा हो गई है।
इसे मद्देनजर रखते हुए कलेक्टर आकाश छिकारा ने समूचे प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय कर दिया है। जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों, होमगार्ड कमांडेंट और अन्य अधिकारियों को निरंतर फील्ड में रहकर स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन द्वारा इंद्रावती नदी के तटीय क्षेत्रों, निचले गांवों तथा संवेदनशील बस्तियों में मुनादी कराकर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है, साथ ही मैदानी अमले को किसी भी आपदा की स्थिति की जानकारी तत्काल जिला मुख्यालय स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष को प्रेषित करने के लिए हिदायत दी गई है। सुरक्षा इंतजामों के तहत जिन रपटों और पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने का जोखिम बना हुआ है, वहां दोनों छोर पर बैरिकेड्स लगाने के साथ कोटवारों और स्थानीय निगरानी दलों की विशेष तैनाती की जा रही है, ताकि आमजन जोखिम उठाकर रपटों को पार न करें।
कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि जहां भी जलस्तर खतरे के स्तर को छूने लगे, वहां बिना किसी देरी के होमगार्ड, राज्य आपदा मोचन बल और पुलिस के साथ संयुक्त समन्वय स्थापित कर रेस्क्यू ऑपरेशन और विस्थापितों के पुनर्वास का कार्य तत्काल प्रारंभ किया जाए। जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे उफनती नदियों और रपटों के समीप जाने से बचें, प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
