दंतेवाड़ा। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके तथा सिविल सर्जन डॉ. प्रियंका सक्सेना के कुशल मार्गदर्शन में जिला अस्पताल दंतेवाड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा अब गंभीर एवं जटिल सर्जरी तक पहुंच गया है। जिला अस्पताल में अप्रैल से अब तक 403 जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। विशेषज्ञ सर्जिकल सेवाओं के विस्तार से अब जटिल उपचार के लिए मरीजों को बड़े शहरों और मेडिकल कॉलेजों की ओर रेफर किए जाने की आवश्यकता काफी कम हुई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ दक्ष पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता से दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उपचार मिल रहा है, जिससे उनके समय और अतिरिक्त खर्च दोनों की बचत हो रही है।
जिला अस्पताल में सामान्य सर्जरी के साथ अब ऑन्कोलॉजी, प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी तथा ऑर्थोपेडिक्स की विशेषज्ञ सेवाएं भी उपलब्ध हैं। अस्पताल में ब्रेस्ट कैंसर के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। ऑपरेशन के बाद मरीजों को आगे की कीमोथेरेपी के लिए रायपुर एवं अन्य उच्च चिकित्सा केंद्रों से समन्वय कर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं नॉन-कैंसरस ब्रेस्ट लम्प्स को कॉस्मेटिक दृष्टि से हटाने की सुविधा भी अस्पताल में उपलब्ध है। अस्पताल में स्किन कैंसर के मामलों में ट्यूमर निकालने के साथ तत्काल फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन की सुविधा भी दी जा रही है। इसके अलावा ‘नेक्रोटाइजिंग फैसिटिस ऑफ ब्रेस्ट’ जैसे दुर्लभ एवं गंभीर संक्रमण के मामले में तत्काल मास्टेक्टॉमी कर स्किन कवर देकर मरीज का सफल उपचार किया गया। जिला स्तर पर ऐसे जटिल मामलों का उपचार होना दंतेवाड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्र में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के लगातार विस्तार को दर्शाता है।आने वाले समय में जिला अस्पताल में उपचार सुविधाओं को और विस्तार देने की तैयारी है। थोराकोस्कोपी जैसी आधुनिक तकनीक शुरू होने से छाती से संबंधित जटिल रोगों के उपचार की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही आधुनिक बर्न यूनिट शुरू करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। विशेषज्ञ सर्जरी सेवाओं के नियमित संचालन और सुविधाओं के निरंतर विस्तार से मरीजों को जटिल से जटिल रोगों के उपचार के लिए दूसरे शहरों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है।
राज्य सरकार की दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता के अनुरूप दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में विशेषज्ञ एवं जटिल उपचार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर उपचार की क्षमता बढ़ने से बस्तर क्षेत्र के मरीजों को अपने जिले में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत हो रही है।
