जगदलपुर/बस्तर न्यूज
शहर के मोतीलाल नेहरू वार्ड नयापारा में सड़क निर्माण के नाम पर भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही का खेल जारी है। ठेकेदार की लापरवाही और स्थानीय भाजपा नेताओं की रहस्यमयी चुप्पी व मनमानी के कारण आज पूरा नयापारा क्षेत्र भीषण समस्याओं से जूझ रहा है। निर्मित हो रही सड़क आम जनता के लिए सुविधा बनने के बजाय हादसों का सड़क साबित हो रही है।
उक्त बातें जारी प्रेस विज्ञप्ति में शहर अध्यक्ष जिला कांग्रेस व्यापारी प्रकोष्ठ राजेंद्र पटवा ने कही। उन्होंने कहा कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, यह समझ पाना मुश्किल हो चुका है। स्थानीय पार्षद और भाजपा नेता किस मुंह से इसे आदर्श वार्ड या आदर्श सड़क बनाने का दावा करते हैं? सड़क निर्माण में हो रही देरी और बदहाली को लेकर पूर्व में कांग्रेस पार्टी द्वारा पुरजोर विरोध प्रदर्शन और धरना दिया गया था। इसके दबाव में आकर प्रशासन और ठेकेदार ने आनन-फानन में निर्माण कार्य तो शुरू कराया, लेकिन स्थिति सुधारने की जगह और बदतर बना दी गई। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर आधे हिस्से में सिर्फ गिट्टी-बजरी डालकर छोड़ दिया गया है, जबकि दूसरा आधा हिस्सा पूरी तरह उपेक्षित है। जहाँ तक तथाकथित सड़क बनी भी है, वहाँ जानलेवा गड्ढे उभर आए हैं। सड़क की इस बदहाली का सबसे बड़ा खामियाजा स्थानीय व्यापारियों और आम राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है दिन-रात उड़ती धूल के कारण दुकानदारों का व्यापार ठप्प हो चुका है और दुकानों में रखा सामान खराब हो रहा है। उड़ती धूल और प्रदूषण के कारण स्थानीय निवासियों में सांस और आंखों की बीमारियाँ बढ़ रही हैं।आधे-अधूरे निर्माण और गिट्टी फैले होने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।
राजेंद्र पटवा ने आगे भाजपा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वार्ड पार्षद को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनता और व्यापारी बंधु सभी त्रस्त हैं, लेकिन सत्ता के नशे में चूर जनप्रतिनिधियों को आम जनमानस की पीड़ा से कोई सरोकार नहीं है। जनप्रतिनिधियों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है और उनकी चुप्पी कई तरह के भ्रष्ट साठ-गांठ की ओर इशारा करती है।
कांग्रेस व्यापारी प्रकोष्ठ ने शासन प्रशासन और संबंधित विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नयापारा सड़क का निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के साथ तत्काल पूर्ण नहीं किया गया और धूल व गड्ढों से राहत नहीं दिलाई गई, तो कांग्रेस पार्टी व्यापारियों और क्षेत्रवासियों को साथ लेकर एक बार फिर सड़कों पर उतरेगी तथा उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और भाजपा जनप्रतिनिधियों की होगी।




