जगदलपुर/बस्तर न्यूज
संगीत एवं संस्कृति के लिए समर्पित संस्था तारीखों के आईने में के कलाकारों द्वारा शहर में पहली बार शास्त्रीय संगीत के प्रवर्तक, प्रचारक एवं संगीत विशेषज्ञ पं. विष्णु नारायण भातखंडे की जयंती पर सोमवार शाम को शास्त्रीय रागों पर आधारित गायन का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। सभी अतिथियों ने नगर में इस तरह के शास्त्रीय गायन के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए संस्था के प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम हमारे युवाओं को हमारी संगीत की समृद्ध विरासत से अवगत कराती है।
संस्था द्वारा स्थानीय कलाकार शास्त्रीय गायन में श्रीमती कुसुम दास, दिलीप पांडे, तबला वादन में शैलेंद्र तिवारी, मनीष मिश्रा, किशोर श्रोत्रिय को शॉल व श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शास्त्रीय गायन के साथ हुआ। डॉ. ज्योति लागू, कविता बिजौलिया, वंदना राठौर, राजकुमार डोंगरे और निशांत मिश्रा के द्वारा कर्णप्रिय शास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया गया। वहीं आभा व अभय सामदेकर ने सुमधुर तराना प्रस्तुत किया। शास्त्रीय गायन में और राजकुमार डोंगरे हारमोनियम पर और तबला पर मनीष मिश्रा व भोजराज आचार्य संगत किया।
कार्यक्रम राग–रंग के दूसरे भाग में कलाकारों के द्वारा शास्त्रीय रागों पर आधारित फिल्मी गीतों की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। इस क्रम में डॉक्टर ज्योति लागू ने वाणी जयराम के गाए गीत बोल रे पापीहरा, आभा सामदेकर और प्रियंका वैद्य ने लता मंगेशकर और आशा भोंसले के गाए युगल गीत गर्जत बरसात सावन आयो रे, शलभ कुमार सिन्हा ने किशोर कुमार के गाए गीत हमे तुमसे प्यार कितना, रमेश राव ने रफी के गाए भजन मन तड़पत हरि दर्शन को आज, शिवानी सामदेकर ने लता मंगेशकर के गाए गीत भोर भई पनघट पे मोहे नटखट श्याम सताएं, संजीव पचौरी ने किशोर कुमार के गाए गीत मेरे नैना सावन भादो, आदित्य मोघे ने मन्नाडे के गाए गीत पूछो ना कैसे रैन बिताई, प्रियंका वैद्य ने रोज रोज डाली डाली काहे फिरा भंवरा बावला, आभा सामदेकर ने लता मंगेशकर के गाए गीत बंया न धरो ओ बलमा, हरीश राठौर ने येशुदास के गाए गीत का करूं सजनी आए ना बालम की आकर्षक प्रस्तुति देकर देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा।
अभय सामदेकर और ऋतु त्रिवेदी ने शास्त्रीय रागों के संबंध में जानकारी देते हुए विभिन्न रागों की विशेषता बताने के साथ कार्यक्रम का आकर्षक संचालन किया कार्यक्रम के अंत में संस्था के द्वारा सभी अतिथियों एवं सहयोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।


